पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान, स्वास्थय मंत्री और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
बठिंडा: पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी सरकार राज्य में कथित पेपर लीक मामले को सुलझाने में विफल रही है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। मीडिया से बात करते हुए ढिल्लों ने कहा, मैंने पहले भी कहा है कि ये पार्टी झूठी है। कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। सबको पता है कि पेपर लीक हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री और शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
स्वाति मालीवाल ने विरोध प्रदर्शन का किया समर्थन
ये टिप्पणियां पंजाब में कथित पेपर लीक को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आई हैं, जिसमें भाजपा इस मुद्दे पर AAP सरकार को निशाना बना रही है। इससे पहले 28 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। भाजपा सांसद व आम आदमी पार्टी की पूर्व नेता स्वाति मालीवाल ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और "पंजाब पेपर लीक पर जवाब दो" के नारे लगाए।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की उठी मांग
यह घटना शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) द्वारा पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग के बाद सामने आई है। एसएडी का आरोप है कि पंजाब शिक्षक पात्रता परीक्षा, कक्षा 12 की अंग्रेजी परीक्षा और फार्मेसी अधिकारी परीक्षा सहित छह परीक्षा पत्रों के लीक होने से राज्य में लाखों उम्मीदवारों पर असर पड़ा है। 27 जुलाई को पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने भी संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और राज्य में कथित परीक्षा पत्र लीक और बरनाला में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की।
कम से कम चार परीक्षा पत्र हुए लीक
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल में कम से कम चार परीक्षा पत्र लीक हुए हैं, जबकि सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है। कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने एएनआई को बताया, पंजाब में चार से पांच परीक्षा पत्र लीक हुए हैं। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान इन्हें मानने से इनकार कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग की। उनकी पिटाई की गई। यहां तक कि महिलाओं की भी पिटाई की गई। हम मांग करते हैं कि इन अत्याचारों को अंजाम देने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
(एएनआई)
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