भाजपा चलाएगी 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान, विपक्ष पर सीधा निशाना
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तर प्रदेश में आगामी दिनों में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान का शुभारंभ करने जा रही है। प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान यह रणनीतिक निर्णय लिया गया, जिसका उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रियाओं के संदर्भ में विपक्ष के कथित दोहरे मानदंडों और राजनीतिक एजेंडे को जनता के बीच बेनकाब करना है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में यह अभियान भाजपा की ओर से विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों का आक्रामक राजनीतिक जवाब माना जा रहा है।
राजनीतिक अस्थिरता और विपक्ष के एजेंडे पर सीधा प्रहार
राजधानी लखनऊ स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में सोमवार को प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में अभियान की प्रदेश टोली की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह अभियान विपक्ष के आधारहीन विरोध प्रदर्शनों और देश को अस्थिर करने के मंसूबों का करारा जवाब होगा।
उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान के द्वारा विपक्ष की देश विरोधी राजनीति, सत्ता परिवर्तन के खतरनाक एजेंडे और देश को अस्थिर करने के खतरनाक मंसूबों को जनता के समक्ष प्रस्तुत करेगी। साथ ही, पार्टी राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समरसता एवं नागरिक कर्तव्यों के माध्यम से जनता को एकजुट करने का काम करेगी।
प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में निकलेंगी पदयात्राएं
पार्टी की योजना के अनुसार, इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में भव्य पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इन पदयात्राओं के माध्यम से जन-जन तक पार्टी का संदेश पहुंचाया जाएगा।
इस सांगठनिक अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई है। बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मोर्चा-प्रकोष्ठ पदाधिकारी, संत, महात्मा, व्यापारी, शिक्षक, अधिवक्ता, चिकित्सक, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठन, भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक 'लोकतंत्र की हुंकार और अराजकता की हार' के संकल्प के साथ इन पदयात्राओं में सम्मिलित होंगे।
छह क्षेत्रों में पदयात्राओं की तिथियां और शहर
अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित होने वाली पदयात्राओं का पूरा शेड्यूल तय कर लिया गया है, जिसके तहत अलग-अलग तारीखों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे:
- अवध क्षेत्र: 3 नवंबर को लखनऊ में पदयात्रा निकाली जाएगी।
- काशी क्षेत्र: 4 नवंबर को प्रयागराज में पदयात्रा का आयोजन होगा।
- गोरखपुर क्षेत्र: 4 नवंबर को गोरखपुर में पदयात्रा निकलेगी।
- कानपुर-बुन्देलखण्ड क्षेत्र: 4 नवंबर को कानपुर में पदयात्रा तय की गई है।
- पश्चिम क्षेत्र: गाजियाबाद में पदयात्रा का आयोजन होगा।
- बृज क्षेत्र: 5 नवंबर को बरेली में पदयात्रा निकाली जाएगी।
व्यापक रणनीतिक चर्चा और प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
प्रदेश मुख्यालय में हुई इस बैठक में अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक का संचालन और रूपरेखा पर चर्चा प्रदेश महामंत्री एवं अभियान के संयोजक दिलीप पटेल ने की।
बैठक में अभियान की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें अभियान टोली के सह संयोजक प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह रावत, नीरज सिंह, प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा, पदयात्रा प्रमुख एवं प्रदेश महामंत्री संजय राय तथा प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को सफल बनाने के लिए पुख्ता रणनीति पर मंथन किया।
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