टीएमसी नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों में मिलीभगत का आरोप
टीएमसी नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
भाजपा नेताओं ने कहा, टीएमसी वाले आयोग की टीम पर हमला करने की साजिश कर रहे
कोलकाता। भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य के प्रशासनिक अधिकारी और टीएमसी के नेता एसआइआर के कार्य में बाधा डाल रहे हैं। वे वोटर लिस्ट में फर्जी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम रखना चाहते हैं। यही नहीं चुनाव आयोग की टीम पर टीएमसी वाले हमला करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करने की मांग की। दूसरी तरफ प्रदेश भाजपा शमिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त से दिल्ली की बजाय कोलकाता में मौजूद रह कर एसआइआर के कार्यों की समीक्षा करने की मांग की है। विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारी मतदाता सूची को प्रभावित करना चाहते हैं और इस बाबत वे एसआइआर के कार्य करने वाले अधिकारी के कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। प्रशासन के अधिकारी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी नियम कायदों का उल्लंघन कर रहे हैं। वे निरपेक्ष रहने की बजाय पक्षपात कर रहे हैं। विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की ओर से एसआइआर विरोध तत्वों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उसी का नतीजा यह हुआ कि मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के सामने दो-दो बार व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ। उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिख कर प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों शिकायत की और इसके मद्देनजर कदम उठाने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने टीएमसी के नेताओं-कार्यकर्ताओं पर बीएसओ के धमकाने और दबाव देने का आरोप लगाया और कहा कि बीएलओ अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वे चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। फर्जी वोटरों और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के काम में बाधा हो रही है। सही वोटरों की शिकायत पर फर्जी और बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े भी गए। उन्होंने दिल्ली की बजाय कोलकाता में एसआइआर की समीक्षा करने की मांग की।
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