नीतीश को बिहार से बाहर 'धकेल' रही भाजपा, यह स्वैच्छिक रिटायरमेंट नहीं: राबड़ी देवी
पटना (बिहार)। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की नेता राबड़ी देवी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा नीतीश कुमार को बिहार से बाहर धकेल रही है। उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद बिहार नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह स्वैच्छिक "सेवानिवृत्ति" नहीं है, बल्कि भाजपा द्वारा उठाया गया एक रणनीतिक कदम है। इससे यह संकेत मिलता है कि गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा अब मुख्यमंत्री पद खुद के लिए चाहती है।
नीतीश कुमार ने दाखिल किया राज्यसभा नामांकन
राबड़ी देवी की यह टिप्पणी बिहार में आए एक बड़े राजनीतिक बदलाव के बीच आई है, जब नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। कुमार के साथ-साथ उपेंद्र कुशवाहा और बिहार भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन सहित अन्य राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवारों ने भी पहले ही अपना नामांकन दाखिल कर दिया था।
नीतीश का नई सरकार को समर्थन का भरोसा
बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने दो दशकों से अधिक समय तक इस पद पर रहने के बाद राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की है। 75 वर्षीय नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि नए मंत्रिमंडल को उनका पूरा समर्थन प्राप्त होगा। इन्होंने एक्स पर अपने पोस्ट में राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।
10 राज्यों की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान
बता दें कि दस राज्यों के 37 सीटों को भरने के लिए आगामी द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को मतदान होने वाला है और वोटों की गिनती उसी दिन शाम 5 बजे होगी। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार , छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना से निर्वाचित 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल महीने में समाप्त हो जाएगा, जिससे नए सदस्यों के चुनाव के लिए सीटें खाली हो जाएंगी।
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