महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में बुधवार को पुणे ड

महाराष्ट्र MLC चुनाव: BJP ने पुणे की टीचर्स सीट जीती, NCP (SP) ने ग्रेजुएट्स सीट बरकरार रखी

BJP Wins Pune Teachers' Seat, NCP (SP) Retains Graduates' Seat

पुणे (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में बुधवार को पुणे डिवीजन की दो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी NCP (SP) ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। BJP के उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े ने टीचर्स सीट जीती, जबकि NCP (SP) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने ग्रेजुएट्स सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। कौस्तुभ गावड़े ने 23,117 वोट हासिल कर निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सनप को हराया। सनप को 16,347 वोट मिले। उन्हें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का समर्थन प्राप्त था। कांग्रेस के उम्मीदवार और मौजूदा विधान परिषद सदस्य जयंत असगांवकर 8,965 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार दत्तात्रेय सावंत तीसरे स्थान पर रहे। टीचर्स सीट पर BJP, कांग्रेस और अलग-अलग राजनीतिक समूहों के समर्थन वाले उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। गावड़े की जीत के साथ इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे मौजूदा कांग्रेस MLC जयंत असगांवकर को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, सचिन सनप की उम्मीदवारी ने महायुति गठबंधन के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर मतभेदों के बीच मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया।

ग्रेजुएट्स सीट पर हर्षदा देशमुख-जाधव ने दर्ज की जीत

ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में NCP (SP) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने BJP की स्मिता जाधव को हराया। देशमुख-जाधव को 1,13,840 वोट मिले, जबकि स्मिता जाधव को 1,03,912 वोट हासिल हुए। इस तरह उन्होंने 9,928 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। हर्षदा देशमुख-जाधव पूर्व नौकरशाह प्रभाकर देशमुख की बेटी हैं, जो NCP (SP) प्रमुख शरद पवार से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव भी NCP (SP) के उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था। वहीं, उनकी प्रतिद्वंद्वी स्मिता जाधव डॉ. डीवाई पाटिल एजुकेशनल ग्रुप से जुड़ी हैं। वह इस संस्थान में प्रो-चांसलर और सचिव के तौर पर काम करती हैं।

जीत के बाद हर्षदा ने मतदाताओं का जताया आभार

अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्षदा देशमुख-जाधव ने कहा कि उनके चुनाव अभियान ने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने समर्थन देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा, “हमने 1.13 लाख वोटों का आंकड़ा हासिल कर लिया है। इस चुनाव ने दिखाया है कि जब बैलेट पेपर से मतदान होता है तो क्या होता है। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करती हूं जिन्होंने मेरा साथ दिया।” NCP (SP) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने कहा कि नतीजे से पता चलता है कि स्नातक मतदाता बेरोजगारी, महंगाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों जैसे मुद्दों को लेकर चिंतित हैं। पाटिल ने कहा, “स्नातकों ने बेरोजगारी, महंगाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को होने वाली मुश्किलों पर अपना गुस्सा जाहिर किया है।” बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों के महत्व पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “जब भी बैलेट पेपर से चुनाव होते हैं, तो विपक्ष जीतता है।”

गावड़े बोले- सभी शिक्षकों के लिए करूंगा काम

जीत के बाद कौस्तुभ गावड़े ने कहा कि वह पूरे निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षकों के लिए काम करने और अपने काम के जरिए आलोचकों को जवाब देने पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा, “मैं सबके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करूंगा। मैंने किसी की बुराई नहीं की, तब भी नहीं जब मेरी उम्र को लेकर सवाल उठाए गए थे। हमने महायुति गठबंधन के तौर पर साथ काम किया और मैं अपने काम से अपनी आलोचना करने वालों को जवाब दूंगा।” गावड़े ने कहा कि वह शिक्षकों के भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे और पिछले विधायकों की गलतियों को दोहराने से बचेंगे। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि मैंने किसी को हराया। इस इलाके में समझदार शिक्षक हैं और मैं सभी शिक्षकों के लिए काम करूंगा।” चुनाव के दौरान पैसे बांटने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गावड़े ने आरोपों के समय पर सवाल उठाए।

पांच जिलों में हुआ मतदान

पुणे डिवीजन की इन दोनों सीटों के लिए पुणे, सतारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों में मतदान हुआ था। टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र में 53,185 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जबकि ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में 2,43,611 मतदाताओं ने मतदान किया। चुनाव परिणामों में दोनों सीटों पर अलग-अलग दलों को जीत मिली। BJP ने टीचर्स सीट हासिल की, जबकि NCP (SP) ने ग्रेजुएट्स सीट बरकरार रखी।

(ANI)

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