डिंडौरी: पुल निर्माण में ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें, पीड़ितों ने लगाई न्याय की गुहार
डिंडौरी: जिले के करंजिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रैतवार के ग्राम बुड़गा टोला में पुल निर्माण कार्य के दौरान कथित ब्लास्टिंग के बाद घर और दुकान की दीवारों में आई दरारों को लेकर विवाद सामने आया है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान चट्टान तोड़ने के लिए कराई गई ब्लास्टिंग से उनके मकान और दुकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मामले को लेकर पीड़ित अब प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
ठेकेदार का आश्वासन और दरारें
पीड़ितों के मुताबिक, पुल निर्माण के दौरान हुई ब्लास्टिंग के बाद उनके मकान और दुकान की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगीं। उन्होंने इसकी शिकायत निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार से की थी। शिकायत के बाद ठेकेदार की ओर से कथित तौर पर आश्वासन दिया गया था कि पुल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त मकान और दीवारों की मरम्मत करा दी जाएगी।
लापरवाही और सुपरवाइजर का दावा
पीड़ितों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी अब तक उनके भवन और दुकान की मरम्मत नहीं कराई गई है। इसके चलते वे लगातार परेशान हो रहे हैं और क्षति का उचित मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, निर्माण कार्य से जुड़े सुपरवाइजर का कहना है कि करीब 3 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुल के पिलर खड़े करने के दौरान चट्टान तोड़ने के लिए किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया। उनके द्वारा ब्लास्टिंग नहीं कराई गई।
जांच की मांग और बड़ा सवाल
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर निर्माण कार्य के दौरान ब्लास्टिंग नहीं की गई, तो फिर प्रभावित मकानों और दुकान की दीवारों में इतनी बड़ी दरारें कैसे आईं? क्या निर्माण कार्य और मकानों को हुए नुकसान के बीच कोई संबंध है। इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। पीड़ितों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, भवनों को हुए नुकसान का आकलन कराने और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। अब देखना होगा कि मामला सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।
ये भी पढ़ें- बैतूल के हनुमान मंदिर में त्रिशूल से दानपेटी का ताला तोड़कर नकदी ले गए चोर