बोरतलाव-गांधी नगर मार्ग बारिश के बाद दलदल में तब्द

बोरतलाव-गांधी नगर मार्ग बना दलदल, रोज़ जोखिम उठाने को मजबूर ग्रामीण

Bortalav–Gandhi Nagar Road Turns into Slush

राजनांदगांव,(छत्तीसगढ़)। हम 21वी सदी में हैं और देश विकसित भारत बनने की ओर अग्रसर है तो वही दूसरी ओर धरातल पर दृश्य इसके विपरीत ही दिखाई पड़ता है। आज भी ग्रामीण पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए बरसात में तरसते नजर आते हैं। दरअसल, डोंगरगढ़ विकासखंड के बोरतलाव से आश्रित ग्राम गांधी नगर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। निर्माणाधीन पुल पर भारी कीचड़ और पानी भरने से लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने पुल निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

निर्माण स्थल पर नहीं है पानी निकासी की समुचित व्यवस्था

मामला डोंगरगढ़ ब्लॉक के बोरतलाव की सीमा पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से गांधी नगर जाने वाले मुख्य मार्ग का है। यहां पुल निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन बारिश के बीच निर्माण स्थल पर पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से पुल के दोनों ओर और निर्माणाधीन हिस्से में भारी कीचड़ जमा हो गया है। इससे रोजाना आने-जाने वाले ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, किसानों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जल्द व्यवस्था नहीं सुधारी तो, हो सकता है बड़ा हादसा

ग्रामीणों का आरोप है, कि लोक निर्माण विभाग द्वारा पुल निर्माण के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई। इसी लापरवाही के कारण हल्की बारिश में भी पूरा रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। लोगों का कहना है, कि कई बार फिसलकर गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं और यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

बच्चों और बुजुर्गों को हो रही सबसे ज्यादा परेशानी

ग्रामीणों ने कहा,"बरसात शुरू होते ही सड़क कीचड़ में बदल गई है। पैदल चलना मुश्किल है, बाइक भी फंस जाती है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। विभाग को जल्द से जल्द सड़क और पुल निर्माण पूरा करना चाहिए।" वहीं, इस मामले में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर बनाफर का कहना है, कि लगातार बारिश के कारण मुरूम भरान का कार्य प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार पहले मुरूम से भरान किया जाएगा, जिसके बाद पुल पर कंक्रीटीकरण का कार्य पूरा किया जाएगा। विभाग का दावा है, कि मौसम अनुकूल होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।

यह भी पढ़ेंः चतुरीपुर गांव में शुक्रवार शाम से लापता मासूम का शव गड़ई नदी में मिला, डूबने से मौत की आशंका