लखनऊ में शैक्षिक संगोष्ठी में बोले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, शिक्षक हैं राष्ट्र के भविष्य के शिल्पकार
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में आयोजित "शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह-2026" को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की आधारशिला है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उनके चरित्र, व्यक्तित्व और जीवन मूल्यों का निर्माण भी करते हैं। शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के शिल्पकार हैं, जिनके ज्ञान, संस्कारों और मार्गदर्शन से आने वाली पीढ़ियां आकार लेती हैं और एक सशक्त, शिक्षित एवं विकसित भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है।
राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों में ज्ञान, अनुशासन, नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है। एक शिक्षक का मार्गदर्शन विद्यार्थियों को न केवल सफलता की राह दिखाता है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है।
शिक्षक समाज के लिए प्रेरणास्रोत
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका समर्पण, परिश्रम और विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता देश की भावी पीढ़ी को योग्य एवं संस्कारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ मानवीय मूल्यों, नवाचार, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण के प्रति कर्तव्यबोध को भी मजबूत करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वस्तुतः ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना का सम्मान है।
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