पुलिया बनी मुसीबत! रास्ता बंद होते ही भड़के ग्रामीण, हाईवे पर लगाया चक्का जाम
शाजापुर {मध्यप्रदेश }: जिले के शुजालपुर अंतर्गत भीलखेड़ी भूगौर क्षेत्र में एक नई पुलिया का निर्माण स्थानीय निवासियों के लिए राहत के बजाय बड़ी मुसीबत बन गया है। निर्माण कार्य के दौरान मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिए जाने से हनुमान मोहल्ला और हनुमान मंदिर की ओर जाने वाले सैकड़ों रहवासियों का आवागमन ठप हो गया है। अपनी इस बुनियादी समस्या के समाधान के लिए आज फिर ग्रामीणों को सड़कों पर उतरना पड़ा और शुजालपुर-कालापीपल मार्ग पर चक्का जाम कर दिया।
आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ सुधार, ग्रामीणों का सब्र टूटा
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन के पास गुहार लगा चुके हैं। कुछ समय पूर्व भी इसी मुद्दे पर चक्का जाम किया गया था, जिसके बाद तहसीलदार, शुजालपुर के ठोस आश्वासन पर ग्रामीणों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त किया था। आरोप है कि प्रशासन ने उस समय समस्याओं के शीघ्र निराकरण का वादा तो किया था, लेकिन हफ्तों बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विकास कार्य की आड़ में जनता की हो रही इस निरंतर उपेक्षा से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
निजी भूमि से गुजरने की मजबूरी, जान-माल का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया निर्माण के दौरान कोई भी सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग नहीं दिया गया है। लोग निजी खेतों और जमीनों से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। विशेषकर स्कूली बच्चों, वृद्धों और महिलाओं को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था के मार्ग बंद कर दिया, जो उनकी दैनिक दिनचर्या और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार का ग्रामीणों ने किया विरोध
आज चक्का जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने एक बार फिर समझाइश देकर मार्ग खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन पिछली बार मिले 'कोरे आश्वासनों' से खफा ग्रामीणों ने अपना विरोध जारी रखा। ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि जब तक मौके पर ही ठोस समाधान या सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वे झुकने वाले नहीं हैं।
प्रशासन से सख्त मांग
हनुमान मोहल्ला के रहवासियों ने एसडीएम, शुजालपुर को सौंपे शिकायत पत्र में मांग की है कि तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए और निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी को निर्देशित किया जाए कि वह आम जनता को हो रही असुविधा का संज्ञान ले। फिलहाल क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और ग्रामीण प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर गड़ाए हुए हैं।
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