पॉलिटेक्निक छात्र पर सीनियर्स ने लोहे की रॉड से किया हमला, FIR दर्ज
अररिया (बिहार)। अररिया ज़िले में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में रैगिंग की एक कथित घटना में दूसरे सेमेस्टर के एक छात्र पर बेरहमी से हमला करने और उसे बेहोश छोड़े जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की पहचान रौशन सिंह के रूप में हुई है।
लाठी, लोहे की रॉड और चाकू से हमला
रिपोर्टों के मुताबिक तीसरे सेमेस्टर के कुछ छात्रों ने रौशन सिंह को हॉस्टल के बाहर बुलाया और उस पर लाठियों, लोहे की छड़ों और चाकुओं से तब तक हमला करते रहे जब तक कि वह बेहोश होकर गिर नहीं गया। पिटाई के बाद सभी आरोपी सीनियर छात्र मौके से फरार हो गए। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, अररिया के अनुमंडल पुलिस अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच से इस बात की पुष्टि हो रही है कि इस हिंसक हमले के पीछे अंतिम वर्ष के छात्र हैं।
जांच के लिए अनुशासन समिति गठित
कॉलेज के प्रिंसिपल अभिजीत कुमार ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक अनुशासन समिति का गठन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि पुलिस ने करीब 13 संदिग्धों की पहचान कर ली है लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि हमले में करीब 30 छात्र शामिल थे।
प्रैक्टिकल परीक्षा के ठीक बाद हुई यह हिंसक वारदात
कुमार ने कहा, "फाइनल ईयर की प्रैक्टिकल परीक्षाएं खत्म होने के बाद, सीनियर छात्रों ने कथित तौर पर कैंपस के बाहर फर्स्ट ईयर के एक छात्र पर हमला किया। गया के रहने वाले छात्र रौशन इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एक FIR दर्ज किया है। इस FIR में कुछ आरोपियों के नाम शामिल है जबकि अन्य की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस रिपोर्टों के मुताबिक अब तक लगभग 12-13 छात्रों की पहचान कर ली गई है। हालांकि गवाहों का दावा है कि इसमें 20-30 छात्र शामिल थे। इस मामले को अनुशासन समिति के पास भेज दिया गया है।"
कॉलेज हॉस्टल में जगह न मिलने के कारण बाहर रह रहा था पीड़ित
पीड़ित के पिता रविंद्र सिंह ने कहा कि फाइनल ईयर के छात्रों ने अपनी परीक्षाओं के बाद एक प्राइवेट हॉस्टल में उनके बेटे को निशाना बनाया। उन्होंने आगे कहा कि कैंपस में आवास की सीमित उपलब्धता के कारण फर्स्ट ईयर के छात्रों को कॉलेज के बाहर रहना पड़ता है और यहीं पर यह हमला हुआ।
समझौते के बहाने बुलाकर किया जानलेवा हमला
उन्होंने आगे कहा कि, "हॉस्टल के मालिक ने विवाद को सुलझाने की उम्मीद में छात्रों को बाहर बुलाया लेकिन इसके बजाय सीनियर्स ने एक पहले से सोची-समझी योजना के तहत हमला कर दिया। रौशन पर बेरहमी से हमला किया गया। हमने FIR दर्ज कराई है। सीनियर्स और जूनियर्स के बीच यह पहली झड़प नहीं थी, लेकिन अधिकारियों ने पाया कि इस तरह की गंभीर और जानलेवा घटना पहले कभी नहीं हुई थी। हॉस्टल में जगह की कमी के कारण पीड़ित को हॉस्टल में रहने की जगह नहीं मिली थी इसीलिए वह उस प्राइवेट हॉस्टल में रह रहा था जहां यह हमला हुआ।" (ANI)
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