25 वर्षीय बंटी यादव के अपहरण और हत्या को लेकर बिहा

बंटी यादव हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी रविश उर्फ बीसी के पैर में लगी गोली, नेपाल भागने की कोशिश में गिरफ्तार

Police Encounter Leads to Ravish Arrest

पटना: 25 वर्षीय बंटी यादव के अपहरण और हत्या को लेकर बिहार में जारी राजनीतिक तनाव के बीच पटना पुलिस ने गुरुवार सुबह मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी रविश उर्फ बीसी (बासिया) को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

नेपाल भागने की फिराक में था आरोपी

पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस मुख्य आरोपी रविश की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान खुफिया जानकारी मिली कि वह नकदी लेकर नेपाल भागने की तैयारी में है और नदी के रास्ते फरार होने की कोशिश कर रहा है। सूचना के आधार पर विभिन्न नदी घाटों पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया।

पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल

एसएसपी के मुताबिक, आरोपी का पुलिस से सामना होने पर उसे रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उसने पुलिस वाहन पर गोली चला दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें रविश के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, इस वारदात में चार अन्य आरोपी भी शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद जताई गई है। यह मामला 6 जुलाई को शुरू हुआ, जब बंटी यादव का पटना के कर्बिगाहिया/पटना जंक्शन इलाके से कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया। परिवार ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि शुरुआती घंटों में पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

पांच दिन बाद मिला शव

अपहरण के पांच दिन बाद बंटी यादव का शव अथमलगोला क्षेत्र से बरामद हुआ। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों और यातना के निशान मिले। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहचान मिटाने के लिए शव को विकृत करने की कोशिश कर रहे थे। पटना पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा आर्थिक विवाद था। जांच में सामने आया कि बंटी यादव और मुख्य आरोपी रविश कुमार उर्फ बीसी के बीच लंबे समय से लाभ के बंटवारे और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस का दावा है कि रविश अपने सहयोगी मोनी किन्नर के साथ उत्तर प्रदेश से बिहार तक अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क संचालित करता था।

कई आरोपी जांच के दायरे में

जांच में रविश कुमार उर्फ बीसी के अलावा रौशन कुमार, अजीत कुमार साहनी और मोनी किन्नर सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या की साजिश में शामिल सभी आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अपहरण के समय पुलिसकर्मी आसपास मौजूद थे, लेकिन उन्होंने समय रहते कोई हस्तक्षेप नहीं किया।

राजनीतिक मुद्दा बना हत्याकांड

बंटी यादव हत्याकांड को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) समेत विपक्षी दलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा है। यह मामला बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। हालांकि, पटना पुलिस का कहना है कि यह हत्या किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि आर्थिक और आपराधिक विवाद का परिणाम थी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले के सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

(एएनआई)

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