KMC चुनाव पर हाईकोर्ट की रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी पश्चिम बंगाल सरकार
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस अंतरिम आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी, जिसमें कोलकाता नगर निगम (केएमसी) चुनावों की अधिसूचना पर रोक लगाई गई है। ANI से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। मैं 13 नवंबर तक इंतजार करूंगा। उसके बाद, मैं सभी 209 वार्डों के लिए समन्वयकों की नियुक्ति करूंगा। अदालत का रुख करने वालों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग चुनाव हारने के लिए अभिशप्त हैं, वे अदालत जाते हैं, जबकि जो लोग जीतने के लिए तैयार हैं, वे चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
नगर निगम चुनावों से संबंधित कोई भी अधिसूचना जारी करने पर रोक
उन्होंने आगे कहा कि हम चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। हम जीतने जा रहे हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश जारी कर राज्य चुनाव आयोग को तब तक कोलकाता नगर निगम चुनावों से संबंधित कोई भी अधिसूचना जारी करने से रोक दिया है जब तक कि लंबित मामला हल नहीं हो जाता। यह निर्देश न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति अर्जुन रॉय मुखर्जी की अवकाश खंडपीठ द्वारा जारी किया गया था। कोलकाता नगर निगम में वार्डों के नए परिसीमन से संबंधित कानूनी कार्यवाही के बीच अदालत का यह अंतरिम आदेश आया है।
चुनावों से पहले वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 हुई
निर्देश के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग तब तक नगर निगम चुनावों से संबंधित कोई भी अधिसूचना जारी नहीं कर सकता जब तक कि अदालत द्वारा मामले का अंतिम समाधान नहीं कर दिया जाता। पश्चिम बंगाल कांग्रेस द्वारा वार्डों के परिसीमन में कथित अनियमितताओं को सुधारने की मांग करते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखने के बाद यह स्थिति आई है। इससे पहले केएमसी में वार्डों की संख्या बढ़ाने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई थी। आगामी चुनावों से पहले वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 कर दी गई है। इस आधार पर, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अब कहा है कि राज्य चुनाव आयोग परिसीमन का मामला तय होने तक केएमसी चुनावों के लिए आह्वान नहीं कर सकता है।
(इनपुटः ANI)
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