मुरैना में 22 करोड़ की लागत से बनेगा CBG प्लांट, गीले कचरे से रोजाना तैयार होगी 3 टन गैस
मुरैना: शहर में रोजाना निकलने वाला गीला कचरा अब सिर्फ सफाई व्यवस्था के लिए चुनौती नहीं रहेगा, बल्कि इसी से ऊर्जा और जैविक खाद तैयार करने की योजना आकार ले रही है। निबी ट्रेंचिंग ग्राउंड में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट बनाया जा रहा है। परियोजना की खास बात यह है कि कचरे के निस्तारण के साथ उससे उपयोगी ईंधन तैयार होगा और जैविक खाद की बिक्री से आय का रास्ता भी खुलेगा।
12 बीघा में बनेगा CBG प्लांट
नगर निगम की इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर विकसित किया जा रहा है। करीब 12 बीघा जमीन पर तैयार हो रहे प्लांट में प्रतिदिन 80 से 90 टन गीले कचरे को प्रोसेस करने की योजना है। इससे रोजाना करीब तीन टन CBG गैस तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। प्लांट फरवरी 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। शहर में कचरे का लगातार बढ़ता दबाव नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती रहता है। ऐसे में CBG प्लांट शुरू होने के बाद गीले कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने का अवसर मिलेगा। तैयार गैस का इस्तेमाल व्यावसायिक स्तर पर ईंधन के रूप में किया जा सकेगा। वहीं, प्रक्रिया से बनने वाली जैविक खाद का उपयोग भी किया जा सकेगा। हालांकि, परियोजना का वास्तविक असर प्लांट की क्षमता के अनुरूप नियमित कचरा उपलब्ध होने और संचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
22 करोड़ की लागत से बनेगा CBG प्लांट
परियोजना पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें 11 करोड़ रुपये सरकार और 11 करोड़ रुपये निजी कंपनी की ओर से लगाए जा रहे हैं। प्लांट का संचालन करने वाली कंपनी नगर निगम को हर साल करीब 3.50 लाख रुपये प्रीमियम देगी। इसके अलावा खाद की बिक्री से भी राजस्व मिलने की उम्मीद है। निबी ट्रेंचिंग ग्राउंड में प्लांट शुरू होने के बाद गीले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को गति मिलने की उम्मीद है। इससे कचरे के लंबे समय तक जमा रहने और उससे जुड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पुराने जमा कचरे में कमी कितनी आएगी, ये देखने वाली बात है।
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