सीबीआई ने कृषि भवन में पशुपालन विभाग का अधिकारी बन

CBI की बड़ी कार्रवाई: पशुपालन विभाग का अधिकारी बनकर रिश्वत मांगने वाला आरोपी गिरफ्तार

CBI Cracks Down on Fake Bribe Racket

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय राजधानी के कृषि भवन में पशुपालन एवं डेयरी विभाग का अधिकारी बनकर पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (AHIDF) के तहत ऋण लेने वाले आवेदकों से रिश्वत मांगने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

29 जून को दर्ज हुआ था मामला

सीबीआई के अनुसार, यह मामला 29 जून को देहरादून स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) में दर्ज किया गया था। आरोपी ने कथित तौर पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग का अधिकारी बनकर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर तहसील के लालपुर गांव के एक पोल्ट्री किसान से 22.5 लाख रुपये के ऋण के बदले दो प्रतिशत यानी 45,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने उद्यमी मित्र (SIDBI) पोर्टल के माध्यम से AHIDF योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया था।

QR कोड भेजकर ली रिश्वत की पहली किस्त

एजेंसी ने बताया कि 29 जून को जाल बिछाया गया, जिसमें आरोपी ने शिकायतकर्ता के मोबाइल पर क्यूआर कोड भेजकर रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये स्वीकार किए। क्यूआर कोड और बैंक खाते की जानकारी के आधार पर सीबीआई ने 30 जून को एक अन्य व्यक्ति को उसके घर से गिरफ्तार किया। हालांकि पूछताछ में पता चला कि वह मुख्य आरोपी नहीं था और असली आरोपी सरकारी अधिकारी बनकर फरार हो गया था।

कई आवेदकों से करता था ठगी

जांच के दौरान सीबीआई को पता चला कि मुख्य आरोपी के पास AHIDF ऋण आवेदकों और उनके आवेदन से जुड़ी जानकारी तक पहुंच थी। आरोप है कि वह प्रतिदिन बड़ी संख्या में आवेदकों से संपर्क करता था और ऋण आवेदन खारिज करने की धमकी, दस्तावेज दोबारा जमा कराने या ऋण मंजूर कराने का झांसा देकर पैसे की मांग करता था।

UPI के जरिए जुटाता था रकम

सीबीआई के अनुसार, आरोपी अन्य लोगों के बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड पर यूपीआई भुगतान मंगवाता था और बाद में वह रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता था। फरार आरोपी की तलाश में सीबीआई की टीमों ने दिल्ली, आगरा और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया। जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक खातों, आईपी एड्रेस और ऋण आवेदनों की जांच की गई। साथ ही SIDBI, AHIDF अधिकारियों और कई ऋण आवेदकों से भी पूछताछ की गई। डिजिटल निगरानी और सूत्रों से मिली जानकारी में सामने आया कि आरोपी कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए आगरा, जयपुर और दिल्ली के बीच लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।

आगरा से हुई गिरफ्तारी

सीबीआई ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की फतेहाबाद तहसील के दौकी थाना क्षेत्र स्थित छोटा पूठा बिसारना गांव में उसके घर से गिरफ्तार किया। आरोपी को देहरादून की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी ने आरोपी के घर पर तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की है। सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।

(एएनआई)

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