पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने

पंजाब सीएम के OSD पर सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, भ्रष्टाचार के आरोपों में FIR दर्ज

Central Bureau of Investigation (File photo)

नई दिल्ली। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज की है।

पोस्टिंग से टेंडर तक में दखल का आरोप

एजेंसी के अनुसार, आरोपियों पर अनुचित वित्तीय लाभ के बदले आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की पोस्टिंग में हेरफेर करने, विभागीय कार्यवाहियों, नीति निर्माण, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर की शर्तों, लाइसेंसिंग, भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू), संपत्ति विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों को प्रभावित करने का आरोप है।

छह नामजद, अज्ञात लोगों पर भी केस

जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी लोक सेवकों ने कथित तौर पर सरकारी नीतियों और आदेशों के मसौदे सरकार द्वारा जारी किए जाने से पहले ही हासिल कर निजी लोगों को उपलब्ध कराए थे। इस मामले में दो लोक सेवकों, बिचौलियों और अन्य सहयोगियों सहित कुल छह नामजद व्यक्तियों और अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

8 ठिकानों पर छापे, लैपटॉप-फोन जब्त

एफआईआर में नामजद आरोपियों में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आर.एस. नागरा शामिल हैं। इसके बाद सीबीआई ने चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में 8 ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाकर लैपटॉप, फोन और दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी जांच जारी है। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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