NEET विवाद पर संसद मार्च के बीच CJP का दावा, संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में
नई दिल्ली: NEET परीक्षा लीक के विरोध में सोमवार को संसद तक मार्च निकालने की कोशिश कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि पुलिस ने दिपके को "उठा लिया" है। उन्होंने यह भी दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की और लाठीचार्ज किया। अभिजीत दिपके ने सोमवार सुबह कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनुरोध पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त की थी। वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्होंने 18 जुलाई से यह भूख हड़ताल शुरू की थी।
जेपी नड्डा से मिले CJP प्रतिनिधि
बढ़ते विरोध के बीच CJP के प्रतिनिधि आशुतोष रांका और सौरभ दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। पार्टी के मुताबिक, उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा, जबकि मंत्री ने मामले पर आंतरिक स्तर पर चर्चा का आश्वासन दिया। इस बीच, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य बताते हुए अस्पताल प्रशासन से अस्थायी छुट्टी देने की अपील की, ताकि वे "संसद चलो" मार्च में शामिल हो सकें।
जंतर-मंतर पर पुलिस का एक्शन
इससे पहले जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर किया। मानसून सत्र के मद्देनजर संसद परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
नोट: CJP द्वारा अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के आरोप लगाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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