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'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा': CJP का ऐलान, सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन

CJP Keeps Pressure on Pradhan

नई दिल्ली [भारत]: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता दीपक बलियान ने शुक्रवार को घोषणा की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक चल रहे प्रदर्शन बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे। उन्होंने त्वरित अदालतों को लेकर सरकार के आश्वासनों को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि देश के युवा जागृत हो चुके हैं और उन्हें बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता।

'इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन'

CJP प्रवक्ता ने आंदोलन के मूल रुख को रेखांकित करते हुए कहा, "CJP का स्पष्ट आह्वान है कि यह विरोध प्रदर्शन तब तक अनिश्चित काल तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान (केंद्रीय शिक्षा मंत्री) इस्तीफा नहीं दे देते। प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि मामलों की सुनवाई त्वरित अदालतों में होगी, लेकिन ये सिर्फ बातें हैं; हमें उन पर भरोसा नहीं है क्योंकि युवाओं को पहले भी कई बार धोखा दिया जा चुका है। युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और परेशान हैं।"

'युवा अब बेवकूफ नहीं बनेंगे'

उन्होंने आगे कहा, "लेकिन देश के युवा अब जागृत हो चुके हैं और ऐसी बातों से मूर्ख नहीं बनेंगे। उनकी सीधी मांग है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। हमारी यह लड़ाई जवाबदेही और जिम्मेदारी की लड़ाई है।" प्रवक्ता ने तटस्थ स्थान पर निर्धारित दोपहर की बातचीत के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों का विवरण देते हुए बताया, "हमारा प्रतिनिधिमंडल दोपहर लगभग 12:30 बजे एक तटस्थ स्थान पर उनसे मिलने जा रहा है। हमारी प्राथमिक मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। दूसरी मांग 1 करोड़ रुपये का मुआवजा (संभवतः प्रभावित छात्रों/परिवारों के लिए) है। तीसरी मांग शिक्षा प्रणाली में सुधार से संबंधित मुद्दे हैं।" दीपक बलियान ने आगे कहा, "युवा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहते हैं, इसलिए यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक वे इस्तीफा नहीं दे देते। मेरा मानना है कि वे इन छात्रों के हितों को सर्वोपरि मानते हैं। छात्र जो भी चाहेंगे, सोनम जी भी वही चाहेंगे।"

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत

मुख्य न्यायिक समिति ने सोनम वांगचुक द्वारा अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का स्वागत किया और दोहराया कि कार्यकर्ता विरोध कर रहे छात्रों के प्रयासों में पूरी तरह उनके साथ हैं। उन्होंने कहा, "सोनम वांगचुक जी 26-27 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे और उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा था। सोनम जी हमारे देश के एक प्रख्यात वैज्ञानिक और राष्ट्रीय धरोहर हैं। हम उनके स्वास्थ्य को लेकर बहुत चिंतित थे और चाहते थे कि वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दें। उन्होंने छात्रों को जागरूक करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कल रात अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।"

'वांगचुक हमारे साथ हैं'

मुख्य न्यायिक समिति के प्रवक्ता ने कहा, "वांगचुक जी हमारे साथ हैं। उन्होंने छात्रों और युवाओं को जागरूक करने और उन्हें एक मंच पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। वे इस आंदोलन से अलग नहीं हैं।" इस बीच, मुख्य न्यायिक समिति के अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने लिखा, "धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए!" सरकार के आश्वासन के बाद वांगचुक ने तोड़ा अनशन इससे पहले, सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में मेदांता अस्पताल में अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्हें केंद्र सरकार से NEET परीक्षा मुद्दे और देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में सुधार के संबंध में लिखित आश्वासन मिला था। वांगचुक ने कहा, "पिछले दो दिनों से बातचीत चल रही थी क्योंकि मुझे सभी आश्वासन लिखित में चाहिए थे। आखिरकार आज सरकार ने लिखित आश्वासन दे दिया है, जिसके बाद मैंने अपना अनशन समाप्त किया।"

पेपर लीक पर सरकार का सख्त रुख

इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने कथित पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल त्वरित अदालतों तथा दोषियों के लिए कठोर दंड का प्रावधान करने वाले विधेयक के मसौदे पर विचार करेगा।

(ANI)

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