चक्रवात ‘अर्नाव’ को लेकर अलर्ट मोड में आंध्र प्रदेश, CM चंद्रबाबू नायडू बोले—हर जान की रक्षा प्राथमिकता
अमरावती (आंध्र प्रदेश)। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार चक्रवात 'अर्नाव' की तैयारियों पर पैनी नजर रख रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए वहां निकासी (एवैक्यूएशन) योजनाएं और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्थाएं लागू कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "#CycloneArnab का सामना करने के लिए तैयार आंध्र प्रदेश में हर एक जीवन की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सुबह से लेकर अब तक स्थिति की चार बार समीक्षा की है और वे जिला कलेक्टरों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
राज्य में 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान
उन्होंने कहा, "लगातार समीक्षाओं के माध्यम से, मैं लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के कार्य की निगरानी कर रहा हूँ और यह सुनिश्चित कर रहा हूँ कि संवेदनशील क्षेत्रों में समय पर कर्मचारी, उपकरण और आवश्यक आपूर्ति पहुँच सके।" नायडू ने बताया कि राज्य ने 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान की है और निकासी योजनाएं तैयार की हैं, जिनमें बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि 2,360 गर्भवती महिलाओं को पहले ही चिकित्सा सुविधाओं में शिफ्ट किया जा चुका है।
भोजन, पीने के पानी, दवाइयों और जनरेटर की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा, "जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 12 और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 10 टीमें तैनात कर दी गई हैं, और उनकी तैनाती का काम जारी है।" इसके अलावा पुलिस, अग्निशमन सेवा और चिकित्सा टीमों को भी जुटाया गया है, जबकि नौसेना और तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) सहायता के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भोजन, पीने के पानी, दवाइयों और जनरेटर की व्यवस्था की जा रही है, और 8,400 से अधिक बिजली बहाली (रिस्टोरेशन) कर्मियों को तैनात किया गया है। नियंत्रण कक्ष भी चौबीस घंटे काम कर रहे हैं।
आधिकारिक अनुमति मिलने तक मछुआरे समुद्र में न जाएं
निवासियों से शांत रहने और अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील करते हुए नायडू ने लोगों से आग्रह किया कि वे सलाह मिलने पर तुरंत निर्दिष्ट आश्रय स्थलों (शेल्टर) में चले जाएं और आधिकारिक अनुमति मिलने तक मछुआरे समुद्र में न जाएं। उन्होंने कहा, "मैं सभी से शांत रहने, सतर्क रहने और अधिकारियों के सहयोग करने की अपील करता हूँ। सलाह मिलने पर तुरंत निर्धारित आश्रय स्थलों के लिए प्रस्थान करें। जब तक आधिकारिक अनुमति न मिले, मछुआरे समुद्र में न जाएं।" उन्होंने आगे कहा, "आवश्यक सामान और चार्ज किए गए फोन तैयार रखें। अनावश्यक यात्रा, समुद्र तटों, नदी के किनारों, बाढ़ के पानी और गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहें।"
आपातकालीन बचाव और राहत कार्यों को अंजाम
मुख्यमंत्री ने निवासियों को यह भी सलाह दी कि जब तक अधिकारी यह पुष्टि न कर दें कि खतरा टल गया है, तब तक वे सुरक्षित आश्रयों में ही रहें और आधिकारिक अपडेट तथा सरकारी सावधानियों का पालन करें। नायडू ने कहा, "अफ़वाहों पर ध्यान न दें। कृपया अपने आसपास के जरूरतमंद पड़ोसियों की सुधि लें और किसी को भी सहायता की आवश्यकता होने पर स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें।" उन्होंने कहा, "सरकारी तंत्र आपकी सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। आपका समय पर सहयोग हमें जिंदगियों की रक्षा करने में मदद करेगा। मिलकर हम इस चुनौती का सामना करेंगे।" तैयारी के उपायों के तहत, आपातकालीन बचाव और राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए 14 जिलों में एनडीआरएफ की 12 और एसडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं।
अस्पतालों को एंटी-स्नेक वेनम की 21,536 खुराक से लैस किया
चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में निर्बाध चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए 1,087 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने चिकित्सा आपात स्थितियों से निपटने के लिए 8,281 इमरजेंसी बेड और 1,274 एम्बुलेंस तैयार रखी हैं। चक्रवात के दौरान आ सकने वाले सांप के काटने (स्नेक बाइट) के मामलों के इलाज के लिए अस्पतालों को एंटी-स्नेक वेनम की 21,536 खुराक से लैस किया गया है। एक एहतियाती उपाय के रूप में, 1,351 गर्भवती महिलाओं को पहले ही सुरक्षित रूप से अस्पतालों में पहुंचाया जा चुका है। आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने के लिए, 2,613 पेयजल टैंकर, 2,430 जनरेटर और 4,448 रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) प्लांट तैयार रखे गए हैं। चक्रवात के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कमी को रोकने के लिए, राज्य भर की 14,686 राशन दुकानों में दो महीने के लिए पर्याप्त जरूरी सामान का स्टॉक संग्रहीत किया गया है।
35.96 लाख किसानों को एडवाइजरी जारी
कृषि तैयारियों के तहत, 35.96 लाख किसानों को एडवाइजरी जारी की गई है, उनसे भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया गया है। अधिकारी सरकारी आवासीय संस्थानों पर लगातार निगरानी रख रहे हैं, जिसमें 419 जनजातीय (ट्राइबल) हॉस्टलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन हॉस्टलों में रहने वाले 88,083 छात्रों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए तथा चक्रवात के दौरान किसी भी असुविधा को रोकने के लिए पहले ही पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं।
राज्य भर के 1,079 जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर
सड़क और भवन विभाग ने चक्रवात के कारण होने वाली बाधाओं की स्थिति में गिरे हुए पेड़ों को हटाने और सड़क संपर्क को बहाल करने के लिए 550 जेसीबी और 596 इलेक्ट्रिक आरी (सॉ) तैयार रखी हैं। अधिकारी जल स्तर का आकलन करने और किसी भी उत्पन्न होने वाली स्थिति का जवाब देने के लिए राज्य भर के 1,079 जलाशयों की स्थिति पर भी लगातार नजर रख रहे हैं। रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) केंद्र 24/7 के आधार पर चक्रवात से जुड़े घटनाक्रम, जिला स्तर की तैयारियों और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी कर रहा है। आरटीजीएस के सचिव भास्कर काटमनेनी और आरटीजीएस के सीईओ प्रखर जैन जिलों में चल रही तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया पर नजर रखे हुए हैं।
150 किमी प्रति घंटे तक की गति से झोंके आने की आशंका
आरटीजीएस, आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के समन्वय से, चक्रवात प्रभावित जिलों में स्थिति का आकलन कर रहा है और त्वरित कार्रवाई की सुविधा के लिए संबंधित जिला प्रशासनों को समय पर अपडेट भेज रहा है। चक्रवात 'अर्नाव' आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच रहा है, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार सुबह यानम के पास लैंडफिल (तट से टकराने) की भविष्यवाणी की है, इस दौरान 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 150 किमी प्रति घंटे तक की गति से झोंके आने की आशंका है।
(इनपुटः ANI)
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