नैनीताल में नंदा-सुनंदा महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी: "विकास भी और विरासत भी" के मंत्र से आगे बढ़ रही सरकार
नैनीताल (उत्तराखंड)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को नैनीताल में आयोजित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने माँ नंदा-सुनंदा के श्रीचरणों में नमन कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं का उत्सव है। नैनीताल अपनी खूबसूरत झील और पहाड़ों के साथ-साथ आस्था और अध्यात्म की भी भूमि है, जहां प्रकृति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
मानसखंड मंदिर माला मिशन और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश की सांस्कृतिक विरासत को संवारा जा रहा है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से पौराणिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
भूमि कानून, समान नागरिक संहिता और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि की संस्कृति और संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत पर्वतीय जिलों में भूमि खरीद पर रोक और सख्त कानून लागू किए गए हैं। महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने के लिए राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की गई है। इसके साथ ही नकल विरोधी कानून लाकर युवाओं के हित सुरक्षित किए गए हैं और अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार मिला है।
मातृशक्ति और स्थानीय उत्पादों के सशक्तिकरण के प्रयास
मातृशक्ति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों और एकल महिला स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा स्थानीय उत्पादों को उचित बाजार दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, कमिश्नर दीपक रावत, डीएम ललित मोहन रयाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें: बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को होगा मतदान, चुनाव आयोग ने की घोषणा