गाजीपुर में सीएम ने 692 करोड़ की 268 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास, माफिया और विपक्ष पर साधा निशाना
गाजीपुर (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री गुरुवार को गाजीपुर में 692 करोड़ रुपये की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित किया। इन परियोजनाओं का लाभ गाजीपुर, जखनिया, मोहम्मदाबाद, सैदपुर, जमानिया, जहूराबाद व जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिला। सीएम ने लोकार्पण व शिलान्यास वाली योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। इस मौके पर सीएम ने गाजीपुरवासियों से अपील की कि ऐसे जनप्रतिनिधि चुनिए, जो आपकी पैरोकारी कर सकें। ऐसे सांसद नहीं चाहिए, जो अवैध असलहा लाइसेंस बनाने में व्यस्त हों। ऐसे जनप्रतिनिधि नहीं चाहिए जो फर्जी लाइसेंस बनाकर जनता के घरों में डकैती व अवैध कब्जा करने का दुस्साहस करें।
लहुरी काशी में माफिया का पनपना शोभा नहीं देता
सीएम ने कहा कि अब गाजीपुर के स्प्रिचुअल टूरिज्म से जुड़े स्थानों का विकास हो रहा है। लहुरी काशी के रूप में विख्यात गाजीपुर का अलग महत्व है। जो जनपद पौहारी बाबा का आश्रम, भगवान परशुराम, महर्षि जमदग्नि का महत्पूर्ण केंद्र रहा है, वहां माफिया का पनपना शोभा नहीं देता। ये माफिया किसी के नहीं होते। ये समाज का खून चूसते हैं। गरीबों का शोषण, व्यापारियों को भयभीत और बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाते हैं।
कृष्णानंद राय ने लड़ी माफिया के खिलाफ लड़ाई
सीएम ने कहा कि पूर्व विधायक कृष्णानंद राय ने माफिया के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, लेकिन सत्ता के संरक्षण में पल रहे माफिया ने निर्ममता व बर्बरता के साथ कृष्णानंद राय के साथ ही सात युवाओं की हत्या कर दी थी। सारे सबूत होने के बावजूद माफिया को सत्ता का संरक्षण मिलता रहा, परंतु अब माफिया को संरक्षण नहीं मिल सकता, ऐसा करने वालों की दुर्गति तय है।
जिसे देख घबराती है बिटिया, उन सपाइयों से बचकर रहिए
सीएम ने कहा कि गाजीपुर को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि डबल इंजन सरकार के साथ चलिए। पहचान का संकट, नौकरी में डकैती, किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने, गरीबों का राशन खाने वाले, किसान व युवा विरोधियों को मौका न दीजिए। महिला विरोध इनका जन्मजात अधिकार है। देख सपाई-बिटिया घबराई, यानी जिसे देखकर ही बेटी घबरा जाती थी। ऐसे सपाइयों से गाजीपुर को भी बचकर रहने की आवश्यकता है।
एशिया के सबसे बड़े गांव में रहते हैं 12 हजार से अधिक सैनिक
मुख्यमंत्री ने वीर अब्दुल हमीद समेत रणबांकुरों व साहित्यकारों का नाम लेकर गाजीपुर की धरा को प्रणाम किया। कहा कि एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर में 12000 से अधिक सैनिक/सेनाधिकारी तथा 15000 से अधिक अवकाश प्राप्त सैनिक/सेनाधिकारी रहते हैं। गाजीपुर के रणबांकुरे देश की आजादी की लड़ाई में, कबीलाई हमले में, 1962, 1965, 1971 व 1999 के कारगिल युद्ध तथा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पीछे नहीं हटे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आजाद हिंद फौज से भी यहां के दर्जनों युवा जुड़े।
कुछ लोगों ने विदेशी आक्रांताओं को महिमा मंडित किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजीपुर की धरती राष्ट्रभक्ति और वीरों की परंपरा से जुड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने राष्ट्र नायकों की उपेक्षा कर विदेशी आक्रांताओं को महिमामंडित किया, जबकि वर्तमान सरकार देश के वीरों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को सम्मान दे रही है। मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी स्मृति को सम्मान देने के लिए बहराइच में स्मारक और प्रतिमा स्थापित की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में राष्ट्रनायकों से जुड़े स्थलों और संस्थानों के विकास पर भी काम किया जा रहा है।
कांग्रेस व सपा ने महापुरुषों को किया अपमानित
सीएम ने कहा कि राष्ट्रनायकों को सम्मान देने वाला देश/समाज आगे बढ़ता है। आक्रांताओं का सम्मान करने वालों का कोई भविष्य नहीं होता। कांग्रेस व सपा ने पाप किया। सपा ने महापुरुषों को अपमानित किया। बाबा साहेब के नाम पर बने कन्नौज मेडिकल कॉलेज, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर बने कॉलेज, संत रविदास के नाम पर बने जनपद का नाम बदलने का पाप किया।
चंदौली, वाराणसी से जोड़ते हुए शक्तिनगर तक जाएगा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
सीएम ने कहा कि अब यहां मेडिकल कॉलेज है। चारों ओर की कनेक्टिविटी फोरलेन की हो गई। गाजीपुर से तीन से साढ़े तीन घंटे में लखनऊ जा सकते हैं जबकि पहले 8-10 घंटे लगते थे। गाजीपुर से लखनऊ, काशी, गोरखपुर की यात्रा सरल हुई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-वाराणसी हाईवे भी है। सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को यहां से चंदौली, वाराणसी से जोड़ते हुए शक्तिनगर तक ले जाएगी।
कार्यकर्ताओं को लूट की छूट देने वाले हमें उपदेश न दें
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 10 साल पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति खराब थी, लेकिन अब राज्य में विकास और निवेश का माहौल बना है। उन्होंने दावा किया कि पहले प्रदेश में दंगे और अव्यवस्था की स्थिति रहती थी, जबकि वर्तमान में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है। मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान परियोजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ, जबकि उनकी सरकार ने एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा कराया। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
डबल इंजन सरकार में हर वर्ग के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में पिछले वर्षों में लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा योजना, मिशन रोजगार और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं को बेहतर मंच उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए फसल ऋण माफी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
देश में चार जातियां, इन्हीं के विकास के लिए बनीं योजनाएं
सीएम ने कहा कि मोदी जी ने देश में केवल चार जातियां (गरीब, किसान, महिलाएं व युवा) बताईं। देशवासियों से कहा है कि 2047 तक भारत आत्मनिर्भर व विकसित होगा। गरीबी समाप्त होगी, सभी के जीवन में खुशहाली होगी। नौजवानों को काम, किसानों को उपज का बेहतर दाम और व्यापारी सुरक्षित माहौल में व्यापार बढ़ा सकेगा। बेटी-बहनों का भरपूर योगदान होगा।
आप 10 कदम चलेंगे तो डबल इंजन सरकार 100 कदम चलेगी
सीएम ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र कर उससे होने वाले लाभों को भी गिनाया। उन्होंने गाजीपुरवासियों का आह्वान किया कि सभी मिलकर विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश व विकसित गाजीपुर के सारथी बनें। नौजवान, किसान, आधी आबादी, व्यापारी विकास के लिए 10 कदम चलेंगे तो सरकार आपके साथ 100 कदम चलेगी। विकास के हर प्रस्ताव स्वीकार होंगे। त्योहारों में उपद्रव करने वाले नहीं, बल्कि इसे उत्सव में बदलने वाली सरकार चाहिए। सुरक्षा, सुशासन डबल इंजन सरकार की पहचान है और आपके जीवन में खुशहाली लाना हमारा संकल्प।
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