West bengal : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हुगली नदी

सीएम ममता बनर्जी ने की हुगली नदी के किनारे कोलकाता के दईघाट पर सूर्य देवता की पूजा अर्चना

सीएम ममता बनर्जी ने की हुगली नदी के किनारे कोलकाता के दईघाट पर सूर्य देवता की पूजा अर्चना

West bengal : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हुगली नदी के किनारे कोलकाता के दईघाट पर सूर्य देवता की पूजा अर्चना की और उसके बाद तख्ताघाट पर छठ पर्व का उद्घाटन किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि सभी समुदाय और जाति के लोग छठ पूजा करते हैं। इस व्रत के दौरान छठव्रतियों को काफी कष्ट करना पड़ता है। 

उनकी सरकार ने छठव्रतियों की सुविधा के लिए सभी घाटों, वहां तक जाने वाले सभी मार्गों पर तमाम जरूरी इंतजाम किए हैं। उन्होंने छठव्रतियों से अनुरोध किया वे पूजा-अर्चना के दौरान भीड़भाड़ और भागदौड़ करने से बचे ताकि गिरने-कुचलने जैसी घटना न हो। छठ मइया और सूर्यदेव सभी को सुख शांति प्रगति दें। मुख्यमंत्री ने सभी छठव्रतियों की शुभकामनाएं दी। 

ममता बनर्जी ने उद्घाटन भाषण हिंदी में दिया और यह विस्तार से जिक्र किया कि छठव्रत कैसे किया जाता है और छठव्रतियों को कितना कष्ट उठाना पड़ता है। महिलाएं दंडवत करते हुए घाट तक जाती है। उनकी सरकार और प्रशासन ने छठव्रतियों की सुविधा के लिए घाटों पर और वहां तक जाने वाली सड़कों पर जरूरी इंतजाम किया है।

प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गई है। नदी में संकट के वचाव के लिए भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सभी घाटों पर नहीं गई।  उनके जाने से भीड़ और अव्यवस्था हो सकती है। जानकारों का कहना है कि ममता बनर्जी ने इस साल छठ पर्व को देखते हुए छठव्रतियों की सुविधाओं पर ज्यादा इंतजाम करने पर गौर किया है। दो दिन की सरकारी छुट्टी दी गई है। अगले साल आरंभ में ही विधानसभा चुनाव है।

राज्य में हिंदीभाषियों की अच्छी तादाद है। चुनाव में हार-जीत उनके वोटों पर भी निर्भर है। छठ पर्व में छठव्रतियों की सुविधाओं के लिए कोलकाता में कोलकाता नगर निगम और उपनगरों में नगरपालिकाओं की ओर से एक-दो दिन पहले ही हुगली के घाटों की मरम्मत और सफाई की गई और प्रकाश की व्यवस्था की गई। छठव्रती पूजा अर्चना के लिए जिन तालाबों का उपयोग करते हैं, उन तालाबों की मरम्मत और सफाई कराई गई और प्रकाश की व्यवस्था की गई।

उन सड़क मार्गों पर उस समय के आम वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है जिस समय छठव्रती उनसे गुजरेंगे। पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक कोलकाता और आसपास के उपनगरों में छठव्रतियों के बीच पूजा के सामान बांटे गए। इस बावत पार्टी के हिंदीभाषी नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी दी गई थी। 

छठव्रतियों के लिए इस साल भी रवींद्र सरोवर बंद रखा गया। छठव्रती रवींद्र सरोवर का उपयोग करते रहे हैं, लेकिन पर्यावरण के मद्देनजर रवींद्र सरोवर को छठव्रतियों के लिए खोला जाए या बंद जाए, इस पर काफी विवाद हुआ। आखिर में इस बंद रखने का फैसला किया गया। पिछले साल हिंदीभाषियों के संकठनों ने सरोवर को खोलने की मांग की। लेकिन पर्यावरण के संकट के बहाने उनकी मांग पूरी नहीं हुई।

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