भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर बंगाल पर कब्जा करना चाहती है : CM ममता बनर्जी
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूचबिहार में टीएमसी के चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री के पद पर बैठे नरेंद्र मोदी वही कुछ बोल रहे हैं, जो उनकी पार्टी सिखाती है। उन्हें झूठ बोलना शोभा नहीं देता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में टीएमसी के उम्मीदवारों और नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजोंसियों आईटी, ईजी, सीबीआई का दुरुपयोग करने पर नाराजगी जताई और कहा कि भाजपा के नेता बंगाल पर कब्जा नहीं कर सकते।
उन्होने कहा कि “वे” काला धन लेकर बैठे और यहां चुनाव लड़ रहे अपने विरोधी उम्मीदवार के यहां छापे मरवा रहे हैं। चुनाव में यह सब करना कायरता है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर डिलिमिटेशन की आड़ में पश्चिम बंगाल को छिन्न-भिन्न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कूचबिहार से लौट कर दुर्गापुर में रोड शो किया और जनसंपर्क साधा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन सवाल पूछा। प्रधानमंत्री ने हर साल दो करोड़ लोगों को नौकरी देने के लिए कहा था और अब तक 24 करोड़ लोगो को नौकरी मिल जानी चाहिए थी। कितने लोगो को नौकरी मिली। प्रधानमंत्री ने लोगों को बैंक खाते में 15 लाख रुपए जमा कराने को कहा था। क्या किसी के भी खाते में 15 लाख रुपए जमा हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने काला धन बाहल लाने को कहा था और नोटबंदी की थी। कितना काला धन बाहर आया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि रेल में किसी को गैंग मैन तक की नौकरी नहीं मिली। केंद्र सरकार उपक्र्मों तो बेंच रही है। कोयला खदानों, रेल बेच रही है। देश बेंच रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार लोकसभा क्षेत्रों के डिलिमिटेशन (परिसीमन) की आड़ में बंगाल के हिस्सो को इधर-उधर और छिन्न-भिन्न करने की साजिश कर रही है। बंगाल इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
उसके खिलाफ अंत तक संघर्ष होगा। उन्होंने भाजपा को बंगाल और बांग्ला विरोधी बताया और कहा कि असम में वोट के लिए दूसरे राज्यों से लोगों को ट्रेनों में भर-भर कर लाया गया था। उसी तरह बंगाल में भी वोट कराने के लिए भाजपा शासित राज्यों को लोगो को लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला बोलने पर बंगाल को लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है।
बंगाल में डेढ़ करोड़ दूसरे राज्यों के मजदूर हैं। इस राज्य में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होता। लेकिन भाजपा बंगाल के बांग्लाभाषियों बांग्लादेशी बता रही है। उसने मतुआ समुदाय के साथ धोखाधड़ी की। बांग्लादेश से आए मतुआ समुदाय के लोग भारतीय हैं, लेकिन भाजपा उनको भारतीय नागरिक बनाने का भरोसा दे कर फॉर्म भरवाया, जिसमें बांग्लादेश से आया हुआ लिखा होता है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा बंगाल में वोट से नहीं जीत सकती। इसलिए उसने चुनाव आयोग और तमाम केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर बंगाल पर कब्जा करना चाहती है। उसने साजिश के तहत वोटरों को नाम कटवाया और अब आईटी, ईडी, सीबीआई, केंद्रीय बल का अपने लिए इस्तेमाल कर भय और आंत फैला रही है। उसके सारे हथकंडे अख्तियार करने के बावजूद टीएमसी की सरकार बनेगी।
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