मुख्यमंत्री योगी ने जापान के उदाहरण के साथ बच्चों को दिया आत्म अनुशासन व परिश्रम का मंत्र
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर के एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा, नागरिकों के कर्तव्य और वैश्विक प्रगति का खाका खींचते हुए विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र दिया। सीएम योगी ने दोटूक शब्दों में कहा कि आत्म-अनुशासन और राष्ट्र प्रथम का भाव ही किसी भी देश को महाशक्ति बना सकता है। उन्होंने इसके लिए द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिका झेल चुके जापान का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत किया। सीएम ने कहा कि सर्वाधिक सैनिक देने वाले बुलंदशहर में विद्या भारती के इस स्कूल की स्थापना अहम है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को आरएसएस (RSS) जैसे आदर्श संगठन के सानिध्य से सीख लेने की प्रेरणा दी।
'परमाणु हमले के बाद भी जापान कैसे बना महाशक्ति?' सीएम योगी ने सुनाया संस्मरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए अपने जापान दौरे का एक विशेष संस्मरण साझा किया। उन्होंने साल 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु बम हमले का जिक्र करते हुए कहा, "1945 में परमाणु बम की विभीषिका झेलने के बाद जापान आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था। ठीक दो साल बाद 1947 में भारत आजाद हुआ। दोनों देशों की परिस्थितियां लगभग एक जैसी थीं। लेकिन जापान कभी रुका नहीं, कभी झुका नहीं और न ही कभी डिगा। आज वह दुनिया की शीर्ष विकसित अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह वहां के नागरिकों का 'आत्म-अनुशासन' और आधुनिक टेक्नोलॉजी है।"
सीएम ने आगे भारत की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के भीतर भारत ने अद्वितीय प्रगति की है और आज देश दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
पीएम मोदी के 'पंच प्रण' की नई परिभाषा: अधिकार से बड़ा नागरिक कर्तव्य
आजादी के अमृत महोत्सव का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि देश को शताब्दी महोत्सव तक विकसित बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 'पंच प्रण' का पालन हर नागरिक के लिए अनिवार्य है। उन्होंने मंच से इन पांच संकल्पों की विस्तृत व्याख्या की।
- पहला प्रण (गुलामी की मानसिकता का त्याग): जब तक मन में दासता का भाव रहेगा, कोई समाज आगे नहीं बढ़ सकता। देश हमेशा अपने मौलिक मूल्यों और आदर्शों पर खड़ा होकर ही प्रगति करता है।
- दूसरा प्रण (विरासत पर गौरव): हमारे पूर्वज, ऋषि-मुनि, पवित्र ग्रंथ और पावन तीर्थ हमारी थाती हैं। सीएम ने जनता को जोड़ते हुए कहा, "आपने वोट बुलंदशहर में दिया, लेकिन उसका परिणाम अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के दिव्य स्वरूप के रूप में दुनिया के सामने है।"
- तीसरा प्रण (सामाजिक समता): छुआछूत और अस्पृश्यता जैसी कुरीतियां देश को कमजोर करती हैं। अतीत में जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बंटने के कारण ही देश गुलाम हुआ था, जिससे हमें सबक लेना होगा।
- चौथा प्रण (वर्दीधारी बलों के प्रति सम्मान): जब जवान माइनस 20 से लेकर माइनस 40 डिग्री की हाड़ कंपाने वाली कारगिल की पहाड़ियों पर या राजस्थान की 50-52 डिग्री की झुलसाती गर्मी में सीमा की रक्षा करते हैं, तब हम चैन से सोते हैं। पुलिस और सेना के बलिदानियों व उनके परिजनों के प्रति हर नागरिक के दिल में सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए।
- पांचवां प्रण (नागरिक कर्तव्य): "हम अधिकारों की बात तो हर मंच पर करते हैं, लेकिन कर्तव्य भूल जाते हैं।" सीएम ने कहा कि छात्र का अनुशासित रहकर पढ़ना, शिक्षक का समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराना, व्यापारी का ईमानदारी से टैक्स देना और किसान का अन्न उपजाना ही सबसे बड़ी राष्ट्रभक्ति है। जिस देश में कर्तव्य को अधिकार से ऊपर माना जाता है, वही आत्मनिर्भर बनता है।
महान वैज्ञानिक और संघ प्रमुख थे रज्जू भैया, बाबा राजपाल ने दी जमीन
सीएम ने कहा कि रज्जू भैया का जीवन सनातन मूल्यों के लिए समर्पित था, वे इलाहाबाद विवि के प्रोफेसर व आरएसएस के चौथे सरसंघचालक थे। उनके नाम पर प्रयागराज में यूनिवर्सिटी भी बनाई गई है। सीएम ने स्कूल के लिए 32 बीघा जमीन दान करने वाले बाबा राजपाल सिंह का भी विशेष आभार जताया।
सैनिक स्कूल में अब बेटियों को भी प्रवेश, रज्जू भैया की मां के नाम पर बनेगा हॉस्टल
महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 1960 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद के कार्यकाल में स्थापित लखनऊ स्थित देश के पहले सैनिक स्कूल में बालिकाओं का प्रवेश शुरू कराया था, जिसे अब केंद्र सरकार ने पूरे देश में लागू कर दिया है। उन्होंने एलान किया कि बुलंदशहर के इस सैनिक विद्या मंदिर में भी जल्द ही बेटियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए सरकार यहां प्रो. रज्जू भैया की माता जी के नाम पर एक अत्याधुनिक छात्रावास का निर्माण कराएगी। रज्जू भैया के पिता का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि वे सिंचाई विभाग में चीफ इंजीनियर थे और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सिंचाई नेटवर्क को मजबूत करने में उनका ऐतिहासिक योगदान रहा है। (Published By: Ravi Pandey)
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