बाढ़ पीड़ितों के लिए CM योगी का बड़ा ऐलान, बेघरों को मिलेंगे पक्के मकान
चित्रकूट: उफनती मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप ने धर्मनगरी चित्रकूट के बड़े हिस्से को तबाही के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। बाढ़ के पानी में आशियाने बह जाने के बाद बेघर हुए 800 से अधिक परिवारों का दर्द बांटने खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्राउंड ज़ीरो पर उतरे।
सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
देवांगना एयरपोर्ट पर उतरते ही सीएम योगी ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और फिर सीधे रामघाट पहुंचे। रामघाट पर जलभराव की स्थिति, स्थानीय दुकानों और प्राचीन मत्तगयेंद्रनाथ मंदिर परिसर का धरातलीय निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला राष्ट्रीय रामायण मेला प्रांगण पहुंचा।
बाढ़ प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
रामायण मेला परिसर में आयोजित राहत शिविर के दौरान सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें राशन व दैनिक उपयोग की सामग्री से भरी राहत किट सौंपी, जिन परिवारों के घर बाढ़ में पूरी तरह तबाह हो गए, उन्हें मौके पर ही जमीन के पट्टे का आवंटन पत्र और नया पक्का मकान बनाने के लिए 1,20,000 रुपये के चेक दिए गए।
चित्रकूट के बाढ़ प्रभावितों के साथ सरकार
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, यह त्रेतायुग की वह पवित्र धरा है जिसने भगवान श्रीराम को अपने आंचल में आश्रय दिया था। आज संकट की इस घड़ी में हमारी डबल इंजन सरकार चित्रकूट के एक-एक नागरिक के साथ मुस्तैदी से खड़ी है। पुनर्वास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
बाढ़ पीड़ितों को मिलेंगे पक्के घर
सीएम ने मंच से ही अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश जारी किए कि बेघर हुए सभी पीड़ितों को 'प्रधानमंत्री आवास योजना' या 'मुख्यमंत्री आवास योजना' के तहत तत्काल पक्के घर स्वीकृत किए जाएं। बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों और सर्पदंश के खतरे को देखते हुए अस्पतालों में एंटी-वेनम और वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी जनहानि पर तुरंत मुआवजा राशि देने के आदेश दिए गए।
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