गाजियाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ ने की मेरठ मंडल की समीक्षा बैठक
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जनपद गाजियाबाद में मेरठ मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था तथा आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने-अपने क्षेत्रों से सम्बन्धित विभिन्न विकास एवं जनहित के मुद्दे रखे। बैठक में जनपद के विकास, सुरक्षा व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जनता की समस्याओं का तुरंत हो समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण, सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
ऐतिहासिक दूधेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे योगी
जनपद भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मन्दिर पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, आरोग्य एवं लोककल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने मठ एवं मन्दिर परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने संत समाज के साथ प्रदेश में शांति, सद्भाव, सांस्कृतिक उत्थान एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर मन्दिर के पीठाधीश्वर, संत समाज एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।
संस्कृत के छात्रों से की बातचीत
मुख्यमंत्री ने मन्दिर परिसर में वेदाध्ययन कर रहे वेदपाठी बटुकों (ब्रह्मचारी छात्र) एवं संस्कृत शिक्षार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा, वैदिक संस्कृति एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञानधारा की वाहिका है, जिसके माध्यम से हमारी सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित होती आयी है।
उल्लेखनीय है कि श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मन्दिर गाजियाबाद का एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिवधाम है, जो सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक साधना एवं वैदिक परम्परा का प्रमुख केन्द्र माना जाता है। (Published By: Ravi Pandey)
यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री योगी ने जापान के उदाहरण के साथ बच्चों को दिया आत्म अनुशासन व परिश्रम का मंत्र