बाढ़पीड़ितों को अब सूखी ब्रेड नहीं, 26 सामानों वाली 50 किलो की राहत किट: सीएम योगी
वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के विद्या विहार इंटर कॉलेज में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आयोजित राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और उन्हें राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे। उन्होंने कहा कि अब राहत और बचाव कार्यों के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों को जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
50 किलो की किट में 26 प्रकार के सामान
सीएम योगी ने कहा कि पहले बाढ़ प्रभावितों को पर्याप्त राहत सामग्री नहीं मिलती थी, जबकि अब हर प्रभावित परिवार को 50 किलो की किट उपलब्ध कराई जा रही है। इस किट में 26 प्रकार के जरूरी सामान शामिल हैं। किट में ढाई किलो लाई, दो किलो कच्चा चना, दो किलो भुना चना, एक किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्किट, माचिस, मोमबत्ती, दो नहाने के साबुन, ढक्कनदार बाल्टी, तिरपाल, 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो अरहर दाल और 10 किलो आलू शामिल हैं।
इसके अलावा हल्दी, मिर्च, मसाले, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़े धोने के दो साबुन, एक तौलिया, एक सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, एक मग और 100 मिलीलीटर डिटॉल या सेवलॉन भी दिया जा रहा है।
किसानों की डूबी फसल का होगा सर्वे
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है, उनका सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद उन्हें मुआवजा और राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वाराणसी में 1,129 किसानों की 131 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और अन्य स्तरों पर राहत कार्य किए जा रहे हैं।
मौत पर 24 घंटे में चार लाख रुपये की मदद
सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ के दौरान डूबने, आकाशीय बिजली गिरने, खेत में काम करने के दौरान हादसे या अन्य आपदा से होने वाली जनहानि को आपदा राहत के दायरे में रखा गया है। ऐसी स्थिति में प्रभावित परिवार को अगले 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ या आग से गरीब का मकान क्षतिग्रस्त होने या बह जाने की स्थिति में प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
वाराणसी में 567 परिवार प्रभावित
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित हैं, जिनमें 2,486 नागरिक शामिल हैं। इन सभी के लिए 21 राहत शिविरों में रहने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए 48 नावों के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) और जल पुलिस की टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप भी लगाए जा रहे हैं।
आयुष्मान कार्ड और मुफ्त दवाओं की सुविधा
सीएम योगी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है। जिन लोगों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं, उन्हें आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने के साथ मुफ्त दवा देने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और अन्य जीव-जंतुओं के काटने के मामलों के साथ-साथ मनुष्य और वन्यजीव संघर्ष तथा मकान गिरने जैसी घटनाओं को भी आपदा राहत व्यवस्था में शामिल किया गया है।
वरुणा नदी के बैक फ्लो से जलजमाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ने पर वरुणा नदी में बैक फ्लो की स्थिति बनती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या पैदा होती है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में बाढ़ नियंत्रण समेत विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का असर वाराणसी में देखने को मिल रहा है। उन्होंने काशी में बुनियादी सुविधाओं के विकास का उल्लेख करते हुए काशी विश्वनाथ धाम, घाटों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़कों के चौड़ीकरण और रिंग रोड समेत बाढ़ नियंत्रण के उपायों को गिनाया।
'डबल इंजन की सरकार आपके साथ'
सीएम योगी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोग अकेले नहीं हैं। डबल इंजन की सरकार उनके साथ खड़ी है और हर जरूरतमंद तक उसकी आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे कंट्रोल रूम के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की गतिविधियों की जानकारी ली जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
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