मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1 नवंबर को गोरखपुर में

गोरखपुर को 1663 करोड़ की 88 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे CM योगी, 1 नवंबर को होगा लोकार्पण और शिलान्यास

CM Yogi to Launch 88 Development Projects Worth Rs 1,663 Crore in Gorakhpur

गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)। गोरखपुर की बदलती तस्वीर और आधुनिक बुनियादी ढांचे के संकल्प को गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपावली से एक सप्ताह पहले ही, एक नवंबर को जिले को करीब 1663 करोड़ रुपये की लागत वाली 88 विकास परियोजनाओं का दीपावली उपहार देने जा रहे हैं। इन परियोजनाओं में रोड कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, नगरीय जीवन सुगमता, बाढ़ से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। सीएम योगी, चौरीचौरा क्षेत्र को जाम से मुक्ति दिलाने वाले महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण करने के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर, बाढ़ बचाव, गोरखपुर शहर के जलभराव और सीवर प्रबंधन से संबंधित गोड़धोइया नाला परियोजना फेज एक का लोकार्पण और परियोजना के फेज दो, नाले के समानांतर सड़क और गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए 3 का शिलान्यास करेंगे।

287 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात

एक नवंबर को मुख्यमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों की आगामी श्रृंखला चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से होगी। सीएम योगी भोपा बाजार में 59.44 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन करने के साथ ही कुल 287.56 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। चौरीचौरा क्षेत्र में जिन परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है, उनमें बाढ़ बचाव और रोड कनेक्टिविटी के कई कार्य शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण परियोजना रेल ओवरब्रिज की है।

भोपा बाजार रेल ओवरब्रिज से चौरीचौरा को मिलेगी जाम से राहत

​गोरखपुर-भटनी रेल खंड पर स्थित समपार संख्या 147बी पर वर्षों से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों को भीषण जाम का सामना करना पड़ता था। ट्रेनों की आवाजाही के चलते दिनभर में कई बार फाटक बंद होने से यात्रियों को भारी असुविधा होती थी। करीब साढ़े छह सौ मीटर की लंबाई वाले ओवरब्रिज के चालू होने से न सिर्फ चौरीचौरा कस्बे की यातायात व्यवस्था सुगम होगी, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों का समय और ईंधन दोनों बचेगा।

ओवरब्रिज पर दिखेगी चौरीचौरा के अमर बलिदानियों की गाथा

भोपा बाजार के इस रेलवे समपार पर बने ओवरब्रिज पर ऐतिहासिक चौरीचौरा घटना की गौरवगाथा भी उकेरी गई है। भारत की आजादी के आंदोलन में 4 फरवरी 1922 को हुई चौरीचौरा प्रतिकार की घटना को इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। 

यह भी पढ़ें:   बुलेट बाइक खंभे से टकराई, दो की मौत, एक गंभीर घायल