मौसम में बदलाव और ठंड बढ़ने के साथ सर्दी-जुकाम, बु

ठंड बढ़ते ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप, बच्चों और नवजातों को लेकर डॉक्टरों ने दी चेतावनी

Cold Weather Raises Seasonal Illness Risks for Children

चंदौली, उत्तर प्रदेश: मौसम में बदलाव और ठंड बढ़ने के साथ सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 800 से 1,000 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम को देखते हुए चिकित्सकों ने अभिभावकों को नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। राजकीय महिला चिकित्सालय, महोबा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण इन दिनों मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल फीवर के मरीज अधिक हैं। इसके अलावा, त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर भी लोग उपचार कराने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के दौरान स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। खासकर नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों की देखभाल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

बच्चों को ठंडी हवा से बचाने की सलाह

डॉ. चतुर्वेदी ने अभिभावकों को सलाह दी कि छोटे बच्चों को ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचाएं। मौसम के अनुसार उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं और सुबह-शाम ठंड बढ़ने पर अनावश्यक रूप से बाहर ले जाने से परहेज करें। बाहर निकलते समय बच्चों के सिर, कान और शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। साथ ही, घर में साफ-सफाई बनाए रखें और बच्चों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराएं। चिकित्सक ने कहा कि यदि बच्चों को सर्दी-जुकाम, बुखार या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है, तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं। बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को दवाएं देने से बचें। उन्होंने बदलते मौसम को देखते हुए अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की, ताकि बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।

(ANI)

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