कमर्शियल LPG सिलेंडर 10 रुपये महंगा, दिल्ली में कीमत बढ़कर 2,820 रुपये हुई
नई दिल्ली: 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1 नवंबर से 10 रुपये बढ़ गई है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 2,820 रुपये हो गई है। इससे पहले 1 अक्टूबर को कमर्शियल सिलेंडर का दाम 2,810 रुपये था। पिछले महीने भी इसकी कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।
लगातार तीसरे महीने बढ़े कमर्शियल गैस के दाम
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी हुई है। त्योहारों के व्यस्त सीजन के बीच इस बढ़ोतरी से होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत बढ़ सकती है। नई रेट लिस्ट के मुताबिक, नए कनेक्शन के लिए 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत 1,903 रुपये है। वहीं, इसके रिफिल की कीमत 782 रुपये तय की गई है। साल 2026 में एलपीजी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसकी एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन आयात की लागत में बदलाव रहा है। 1 मई को एक महीने के भीतर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 1,000 रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3,000 रुपये से बढ़कर लगभग 3,071.50 रुपये हो गई थी। हालांकि, जुलाई और अगस्त में तेल विपणन कंपनियों ने कुल 380 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की थी। इससे गर्मियों के दौरान कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को राहत मिली थी।
सितंबर और अक्टूबर में भी बढ़े थे दाम
त्योहारों के मौसम में कीमतों में फिर बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हुआ। 1 सितंबर को मामूली बढ़ोतरी के बाद 1 अक्टूबर को कमर्शियल सिलेंडर 65 रुपये महंगा हुआ था। अब 1 नवंबर को इसमें 10 रुपये की और बढ़ोतरी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 में गैस और ईंधन के आयात की लागत बढ़ने की एक प्रमुख वजह होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव और समुद्री मार्गों में रुकावटें हैं। यह महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से मध्य पूर्व से आने वाले कच्चे तेल और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) का बड़ा हिस्सा गुजरता है। भारत अपनी प्राकृतिक गैस और एलपीजी की कुल खपत का लगभग आधा हिस्सा आयात करता है। देश को एलपीजी की बड़ी खेप खाड़ी देशों से मिलती है, जिनकी आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है।
शिपिंग लागत और अंतरराष्ट्रीय कीमतों का दबाव
इस साल की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य में परिचालन संबंधी रुकावटों और सुरक्षा जोखिम बढ़ने से वैश्विक एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई। इसके चलते माल ढुलाई की लागत में भी तेजी आई। इसके अलावा, शिपिंग जोखिम से जुड़ा अतिरिक्त खर्च, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सऊदी अरामको के अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों की बढ़ी हुई कीमतों ने घरेलू कमर्शियल ईंधन के दाम पर दबाव बनाए रखा है। रिपोर्ट में ब्रेंट क्रूड का भाव 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बताया गया है।
(ANI)
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