ढलाई के दौरान ढह गई सामुदायिक भवन की छत, दो मजदूर मलबे में दबे; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
डिंडौरी {मध्य प्रदेश}: मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में सरकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे सामुदायिक भवन की छत ढलाई के दौरान ही भरभराकर गिर गई। हादसे में दो मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
ढलाई के दौरान अचानक गिरी छत
यह मामला डिंडौरी विकासखंड के ग्राम चटुवा का है। गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की छत की ढलाई चल रही थी। इसी दौरान अचानक एक कमरे की पूरी छत गिर गई और वहां काम कर रहे दो मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया।
निर्माण में अनियमितता के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में शुरुआत से ही अनियमितताएं बरती जा रही थीं। उनका कहना है कि उपयंत्री की देखरेख में नियमों की अनदेखी करते हुए छत की मोटाई अधिक कर दी गई, जिससे ढांचा भार नहीं सह सका और ढह गया। घटना के बाद उपयंत्री, ठेकेदार और सरपंच के मौके पर मौजूद नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और लापरवाही की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने संबंधित उपयंत्री को नोटिस जारी किया है और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
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