राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और चढ़ावा मामले को ले

राम मंदिर चंदा-चढ़ावा मामले पर कांग्रेस का हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

Congress Raises Questions Over Temple Donations

राजनांदगांव {छत्तीसगढ़}: राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और चढ़ावा मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भाजपा पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि भगवान राम के नाम पर जुटाए गए चंदे और मंदिर में मिले चढ़ावे में कथित अनियमितताएं हुई हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई है।

राजनांदगांव में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को राजनांदगांव प्रेस क्लब में कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। प्रेस वार्ता में रायपुर के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे और जिला कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने अपनी बात रखी। कांग्रेस ने दावा किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफों और सामने आई खबरों के बाद पूरे मामले पर सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी का कहना है कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस ने रखीं पांच प्रमुख मांगें

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस ने पांच प्रमुख मांगें रखीं। पार्टी ने पूरे चंदे और चढ़ावे का फॉरेंसिक ऑडिट कराने, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराने, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने और पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस के आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। फिलहाल मामले से जुड़े आधिकारिक जांच निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।

मुद्दा बना राजनीतिक बहस का केंद्र

राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस जांच और जवाबदेही की मांग कर रही है, वहीं पूरे मामले में आगे की जांच और आधिकारिक तथ्यों पर सभी की नजर बनी हुई है।

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