वरिष्ठ कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्रीय श

प्रहलाद जोशी पर कांग्रेस का हमला, प्रमोद तिवारी बोले- पुराने राज़ मत कुरेदिए

Congress Attacks Prahlad Joshi, Tiwari Warning

नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि सरकार विपक्ष पर निशाना साधती रही, तो उनके पुराने विवाद भी सामने लाए जाएंगे। उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी की हालिया टिप्पणियों का समर्थन करते हुए मंत्री को चेतावनी दी कि विपक्ष उनके पिछले रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाएगा।

प्रमोद तिवारी की चेतावनी

प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रहलाद जोशी ने अतीत में गलतियां की हैं और अब जब उन पर सवाल उठ रहे हैं तो उन्हें परेशान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री लगातार प्रतिक्रिया देते रहेंगे, तो विपक्ष भी उनके पुराने मामलों का खुलासा करेगा। तिवारी ने कहा, "आप जितना ज्यादा उछल-कूद करेंगे, हम आपके बारे में उतना ही ज्यादा खुलासा करेंगे। पुराने राज़ मत कुरेदिए, वरना कर्नाटक में दिए गए आपके हर बयान पर चर्चा होगी।"

प्रियंका और राहुल गांधी का किया बचाव

कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि प्रियंका गांधी ने संसद के भीतर और राहुल गांधी ने संसद के बाहर जो सवाल उठाए हैं, उसके बाद प्रहलाद जोशी अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री पद स्थायी नहीं होता और सरकार को आलोचना स्वीकार करनी चाहिए।

प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर विवाद

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को परीक्षा अनियमितताओं और जवाबदेही के मुद्दे पर घेरा। उनके बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने प्रियंका गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें अपने बयानों के समर्थन में सबूत पेश करने चाहिए। उन्होंने आरोपों को गलत सूचना बताते हुए कहा कि इस तरह के बयानों पर कार्रवाई होनी चाहिए और प्रियंका गांधी को माफी मांगनी चाहिए।

किरेन रिजिजू ने भी जताई आपत्ति

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी प्रियंका गांधी की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि संसद में किसी व्यक्ति का चरित्र हनन करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष ने विपक्ष की बात शांतिपूर्वक सुनी, लेकिन इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियां संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं।

(ANI)

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