कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्रियों की 'चिंतन बैठक' पर साधा निशाना, कहा बहुमत के अभाव में रुकी संसद के विशेष सत्र की योजना
नई दिल्ली: कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्रियों की 'चिंतन बैठक' पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को दावा किया कि सरकार को "महा-कलंकित दो-तिहाई बहुमत" मिलने का भरोसा नहीं होने के कारण संसद का विशेष सत्र बुलाने की योजना पटरी से उतर गई है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह आरोप भी लगाया कि इस योजना के तहत सत्र में परिसीमन संबंधी विधेयकों को फिर से पारित कराने का प्रयास किया जाना था।
मंत्रियों की 'चिंतन बैठक' पर दबाव का दावा
रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रियों की 'चिंतन बैठक' पर भी निशाना साधा और कहा कि यह बैठक ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री और उनके स्वयंभू चाणक्य (गृह मंत्री अमित शाह) पर उनके सहयोगियों का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग में उथल-पुथल और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विस्फोटक प्रेस वार्ता ने केंद्रीय मंत्रियों की बैठक से जुड़ी खबर को पीछे छोड़ दिया है। रमेश ने दावा किया कि शुरुआत में संसद का विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन संबंधी विधेयकों को फिर से पारित कराने का प्रयास किया जाना था।
विपक्ष की एकजुटता से विशेष सत्र की योजना फेल होने का दावा
उनके मुताबिक, लोकसभा में विपक्षी एकजुटता के कारण ये विधेयक पराजित हो गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पहल का उद्देश्य भारत के चुनावों को और अधिक समझौते वाला बनाना था। रमेश ने दावा किया कि सरकार को महाकलंकित दो-तिहाई बहुमत मिलने का भरोसा नहीं होने के कारण विशेष सत्र की योजना पटरी से उतर गई। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों की बैठक को 'चिंतन बैठक' के बजाय 'चिंता बैठक' करार दिया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपनी पकड़, छवि और विश्वसनीयता तेजी से खो रहे हैं।
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