राजनांदगांव हादसा: तीन बच्चों की मौत के मामले में ठेकेदार पर FIR
राजनांदगांव,(छत्तीसगढ़)। जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के बोरतलाव में तीन मासूम बच्चों की डूबकर मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बोरतलाव पुलिस ने रेलवे की तीसरी लाइन परियोजना से जुड़े ठेकेदार और उसके सहयोगियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि रेलवे निर्माण के दौरान खोदे गए मुरूम के गहरे गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया था, जिनमें बारिश का पानी भरने से यह दर्दनाक हादसा हुआ।
तीनों बच्चे घर से निकले थे खेलने
15 जुलाई को तीनों बच्चे घर से खेलने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। देर शाम तलाश के दौरान पानी से भरे मुरूम के गड्ढे के किनारे बच्चों के कपड़े मिले। ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चों के शव बाहर निकाले गए। परिजनों ने शिकायत में आरोप लगाया कि रेलवे की तीसरी रेल लाइन निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर मुरूम उत्खनन किया गया, लेकिन गड्ढों की भराई, सुरक्षा घेराबंदी या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए। इसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज
शिकायत के आधार पर बोरतलाव पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। वहीं रेलवे अधिकारियों ने घटना स्थल को रेलवे सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बताते हुए हादसे से अपना प्रत्यक्ष संबंध होने से इनकार किया है। हालांकि ग्रामीणों का दावा है कि यही गड्ढे रेलवे परियोजना के लिए किए गए उत्खनन के दौरान बने थे।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। तीनों बच्चों के माता-पिता रोजगार के सिलसिले में बाहर होने के कारण अंतिम संस्कार परिजनों के पहुंचने के बाद किए जाने की तैयारी है। इधर ग्रामीणों ने सभी खुले गड्ढों की तत्काल भराई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह भी पढ़ेंः मुरैना में नदी में कूदी युवती का शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी