केरल के तिरुवनंतपुरम में विशेष पॉक्सो अदालत ने नाब

केरल में क्रिकेट कोच को POCSO मामले में 47 साल की कठोर कारावास, काटनी होगी कुल 35 साल की सजा

सांकेतिक तस्वीर

तिरुवनंतपुरम (केरल): केरल की एक विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने शनिवार को एक बेहद गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। तिरुवनंतपुरम की विशेष अदालत ने एक क्रिकेट कोच को नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के तीसरे मामले में 47 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 79,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

अकादमी की नाबालिग छात्रा को बनाया शिकार

दोषी की पहचान 40 वर्षीय एम मनु के रूप में हुई है, जो वल्लक्कडावु के श्रीवरहम का रहने वाला है। वह राजधानी तिरुवनंतपुरम की एक प्रमुख क्रिकेट अकादमी में कोचिंग देता था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ने साल 2018 में जब वह पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी, तब इस क्रिकेट कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया था। आरोपी ने कोच के रूप में अपनी स्थिति का फायदा उठाते हुए प्रशिक्षण सत्रों के दौरान बार-बार बच्ची का यौन शोषण किया।

पहले की सजाएं पूरी होने के बाद शुरू होगी यह जेल

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इस तीसरे मामले की सजा पहले के दो मामलों में दी गई कारावास की अवधि पूरी होने के बाद ही शुरू होगी। आरोपी को पहले दो पॉक्सो मामलों में क्रमशः 16 साल और 35 साल की जेल की सजा सुनाई जा चुकी है। अदालत के पिछले आदेश के तहत उसे उन मामलों में क्रमशः पांच साल और 10 साल की सजा एक साथ काटनी थी। इस नए और तीसरे फैसले के बाद, उसे अतिरिक्त 20 साल जेल में बिताने होंगे, जिससे उसकी कुल कारावास की अवधि बढ़कर 35 साल हो जाएगी।

चौथे मामले में आज आ सकता है फैसला

दोषी क्रिकेट कोच के खिलाफ यौन शोषण के कुल छह मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से चार मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। शुरुआती तीन मामलों में अदालत अपना फैसला सुना चुकी है और तीनों में उसे दोषी पाया गया है। वहीं, चौथे मामले में भी अदालत उसे पहले ही दोषी करार दे चुकी है, जिस पर सजा का ऐलान होना तय है।