चक्रवाती तूफान 'अर्नब' तेज, आंध्र प्रदेश के 16 जिले हाई अलर्ट पर; लैंडफॉल से पहले राहत-बचाव की तैयारी तेज
अमरावती (आंध्र प्रदेश): गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही तटीय आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर आपदा राहत अभियान चलाया जा रहा है। पिछले छह घंटों में 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहे इस तूफान के बुधवार सुबह तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के पास तट से टकराने का अनुमान है। इसके कारण तेज हवाएं चलने और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के अनुसार, मंगलवार सुबह तक चक्रवात अर्नब विशाखापत्तनम से लगभग 300 किलोमीटर, काकीनाडा से 360 किलोमीटर, मछलीपट्टनम से 460 किलोमीटर और बापटला से 530 किलोमीटर दूर था। APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने कहा कि तूफान मंगलवार शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़कर तट की तरफ बढ़ेगा।
विशाखापत्तनम में ऑरेंज अलर्ट जारी
विशाखापत्तनम में हल्की बारिश के बीच ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले तीन घंटों में श्रीकाकुलम, विजयनगरम और अनकापल्ली सहित कुछ इलाकों में बिजली चमकने, हल्की आंधी और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
लैंडफॉल के समय 125 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
IMD ने चेतावनी दी है कि तट से टकराने के समय चक्रवात अर्नब के बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। तटीय इलाकों में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। यहां हवा की रफ्तार 115-125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी चेतावनी दी है।
16 जिले, 2,460 गांव और 92 शहरी इलाके प्रभावित होने की आशंका
शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के 16 जिले चक्रवात के सीधे रास्ते में आ सकते हैं। इनमें 2,460 राजस्व गांव और 92 शहरी इलाके शामिल हैं। संभावित नुकसान को कम करने और आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। जिला और मंडल स्तर पर बनाए गए 2,907 नियंत्रण कक्षों की मदद से 1,763 चक्रवात राहत केंद्र तैयार किए गए हैं। जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की निगरानी के लिए 3,185 नोडल अधिकारियों को तैनात किया गया है।
NDRF और SDRF की टीमें तैनात
कमजोर और जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 2,107 स्वर्ण ग्राम और स्वर्ण वार्ड इकाइयों में निकासी संबंधी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को बचाव और राहत कार्यों के लिए 11 अधिक जोखिम वाले जिलों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लोगों की जान बचाने और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सभी समुद्र तटों पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। मंगलवार दोपहर से तटीय सड़कों पर भी आवाजाही पूरी तरह बंद करने की योजना है।
30,043 मछली पकड़ने वाली नौकाएं सुरक्षित
मछुआरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समुद्र में गए सभी मछुआरों के सुरक्षित लौटने की जानकारी दी गई है। कुल 30,043 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को बंदरगाहों पर लंगर डालकर सुरक्षित कर दिया गया है। चक्रवात से प्रभावित हो सकने वाले इलाकों में जरूरी सेवाएं जारी रखने के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है। पीने के पानी की कमी से निपटने के लिए 2,613 आपातकालीन पानी के टैंकर भी तैयार रखे गए हैं। अधिकारियों ने आपात सलाह जारी कर संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से घरों के अंदर रहने, सतर्क रहने और सरकारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। राज्य प्रशासन चक्रवात के संभावित प्रभाव से निपटने के लिए तैयारियां कर रहा है।
(ANI)
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