चक्रवात अर्नब: आंध्र प्रदेश में किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहींः CM नायडू
अमरावती (आंध्र प्रदेश)। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को साइक्लोन अर्नब के असर का रिव्यू करने और राहत कामों को डायरेक्ट करने के लिए ज़िला कलेक्टरों से लेकर फ़ील्ड-लेवल के स्टाफ़ तक, लगभग 32,000 अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ़्रेंस की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है। ऑफ़िशियल रिलीज़ के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने रात भर काम करने के लिए अधिकारियों और स्टाफ़ की तारीफ़ की।
एडमिनिस्ट्रेशन के पहले से उठाए गए कदमों की वजह से जानें बचीं
उन्होंने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन के पहले से उठाए गए कदमों की वजह से जानें बचीं, और उनसे साइक्लोन का असर कम होने और नॉर्मल हालात वापस आने तक इसी जोश से काम करते रहने को कहा। कलेक्टरों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कई ज़िलों में बारिश कम हो गई है, लेकिन तेज़ हवाएँ अभी भी चल रही हैं। नायडू ने अधिकारियों से प्रॉपर्टी का नुकसान जितना हो सके कम रखने, असर वाले इलाकों में जल्दी से हालात ठीक करने और लोगों को भरोसा दिलाने को कहा कि वे सुरक्षित हैं। उन्होंने एनर्जी, इरिगेशन, रोड्स एंड बिल्डिंग्स, एग्रीकल्चर, म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन एंड अर्बन डेवलपमेंट और पंचायत राज डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारियों के साथ एक अलग रिव्यू भी किया।
नेशनल हाईवे को रोकने वाले पेड़ों को रियल टाइम में हटाने के निर्देश
उन्होंने फसल के नुकसान के बारे में पूछा और अधिकारियों को शुरुआती अंदाज़ा लगाने को कहा। उन्होंने उनसे केंद्र को राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सड़कों पर गिरे पेड़ों को दो घंटे के अंदर हटाने और यह पक्का करने का निर्देश दिया कि नेशनल हाईवे को रोकने वाले पेड़ों को रियल टाइम में हटा दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जैसे ही तेज़ हवाएं थमें, प्रभावित इलाकों में बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया कि साइक्लोन शेल्टर में खाना, पीने का पानी और मेडिकल केयर मौजूद हो। लोगों को शेल्टर से घर लौटने की इजाज़त तभी दी जानी चाहिए जब हालात पूरी तरह से ठीक हो जाएं।
बागवानी की फसलों को नुकसान से बचाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पानी को खेतों में घुसने से रोकने और बागवानी की फसलों को नुकसान से बचाने का निर्देश दिया। उन्होंने टैंकों और नहरों में दरार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को भी कहा, अधिकारियों को छोटे सिंचाई टैंकों में पानी के बहाव पर नज़र रखने, उन्हें ओवरफ्लो होने से रोकने और आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट करने का निर्देश दिया। उन्होंने किसानों के लिए सिंचाई से जुड़े मामलों को मैनेज करने वाले वॉटर यूज़र एसोसिएशन के साथ तालमेल पर भी ज़ोर दिया, और अधिकारियों को नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (NDRF) और स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (SDRF) की टीमों को स्टैंडबाय पर रखने का निर्देश दिया।
लोगों से माना मित्र का पूरा इस्तेमाल करने का आग्रह
मुख्यमंत्री ने लोगों को अपनी समस्याएँ बताने के लिए राज्य की WhatsApp-बेस्ड गवर्नेंस सर्विस, माना मित्र का पूरा इस्तेमाल करने को भी कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायत करने वालों की शिकायतें हल होने के बाद उन्हें बताया जाए। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को यह पक्का करने को कहा कि स्वर्ण ग्राम और वार्ड सेक्रेटेरिएट, जो गाँव और वार्ड लेवल के सरकारी ऑफिस हैं, हर समय अपडेट रहें।
(इनपुटः ANI)
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