बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा, आंध्र में अलर्ट, ओडिशा में 12 लापता
नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बना दबाव क्षेत्र तेजी से गहरे दबाव में बदल गया है और अब इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को बताया कि यह सिस्टम पश्चिम की ओर देश के पूर्वी तट की तरफ बढ़ रहा है। इसके अगले सप्ताह की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकराने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना दबाव क्षेत्र पिछले 6 घंटों के दौरान 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और गहरे दबाव में बदल गया। 1 नवंबर 2026 को सुबह 5:30 बजे यह दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। इसका केंद्र चेन्नई से लगभग 700 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, विशाखापत्तनम से 770 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, मछलीपट्टनम से 770 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और ओंगोल से 810 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में था।
110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
IMD ने अपने पूर्वानुमान में कहा कि यह सिस्टम अगले 6 घंटों में चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बाद 2 नवंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान 3 नवंबर की सुबह तक नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इधर, चक्रवात अर्नब से हुई भारी बारिश के कारण ओडिशा के गंजम जिले के भंजनगर इलाके के गिदीपाबाली गांव में बड़ा भूस्खलन हुआ है। इस घटना के बाद 12 लोगों के लापता होने की खबर है। गंजम जिला कलेक्टर वी. कीर्ति वासन ने मीडिया को बताया कि जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव, निकासी और राहत अभियान तेज कर दिए हैं। निचले इलाकों और नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
NDRF और ODRAF की टीमें बचाव अभियान में जुटीं
प्रभावित लोगों की मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और दमकल विभाग की टीमें तैनात की गई हैं। लोगों को जरूरी खाद्य सामग्री, पीने का पानी और अन्य आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। लोगों की सुरक्षा और जरूरी सेवाओं को जल्द बहाल करने के लिए अलग-अलग विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने, प्रशासन के आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और इस मुश्किल समय में जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। वासन ने आगे बताया कि NDRF, ODRAF, दमकल विभाग, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), पुलिस और अन्य विभागों के 140 से अधिक कर्मी लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि नौसेना का हेलीकॉप्टर और नौसेना तथा रेलवे के लाइव भूकंपीय जांच उपकरण भी घटनास्थल पर पहुंचेंगे।
गंजम में राहत कार्यों के लिए 10 अधिकारियों की तैनाती
चक्रवात अर्नब से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आवास एवं शहरी विकास विभाग ने गंजम जिले में राहत और बाढ़ प्रबंधन कार्यों को मजबूत करने के लिए 10 सहायक आयुक्तों, कार्यकारी अधिकारियों और इंजीनियरों की सेवाएं जिला कलेक्टर के अधीन लगाई हैं। तैनात अधिकारियों में अभिषेक मिश्रा, निहार रंजन बेहरा, अविनाश मोहंती, बाबुला दलाई, देबाशीष बेहरा, पतितपाबना पटनायक, जादबेंद्र महापात्रा, चित्तरंजन स्वैन और सत्य नारायण मंडल शामिल हैं। प्रभावित शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में पीने के पानी की आपूर्ति और सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए WATCO और PHEO की टीमों को लगाया गया है। बाढ़ के बाद पेयजल स्रोतों को सुरक्षित रखने और पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी जल स्रोतों और सामुदायिक पानी के स्रोतों की सफाई, कीटाणुशोधन और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में बाढ़ के बाद सफाई अभियान चलाने और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ने प्रभावित इलाकों में लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा, पीने के पानी की उपलब्धता और जरूरी नागरिक सेवाओं को बहाल करने के लिए विभिन्न विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं।
3 नवंबर तक बंद रहेंगे गंजम जिले के सभी स्कूल और कॉलेज
भारी बारिश की आशंका और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंजम जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, डिग्री कॉलेज, तकनीकी संस्थान और विश्वविद्यालय 3 नवंबर 2026 तक बंद रहेंगे। हालांकि, जिला कलेक्टरेट की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी गई जानकारी के मुताबिक, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अपनी-अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा।
(ANI)
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