दारुल उलूम देवबंद ने कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान छ

कांवड़ यात्रा के दौरान दारुल उलूम देवबंद की छात्रों को सलाह, बेवजह यात्रा और भीड़भाड़ वाले रास्तों से रहें दूर

Darul Uloom Deoband Issues Kanwar Yatra Safety Advisory for Students

सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। दारुल उलूम देवबंद ने गुरुवार को अपने छात्रों को एक सलाह जारी कर वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और बाजारों, राजमार्गों और कांवड़ यात्रा से प्रभावित अन्य क्षेत्रों से दूर रहने को कहा है। संस्था के हॉस्टल प्रशासन की तरफ से जारी ये निर्देश यात्रा के दौरान छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हैं, जब हजारों भक्त शिव मंदिरों में चढ़ाने के लिए गंगा से पवित्र जल लेकर उत्तर प्रदेश से गुजरते हैं।

छात्रों के लिए बाजार और जीटी रोड पर जाने पर रोक

हॉस्टल इंचार्ज अशरफ अब्बास की तरफ से जारी एक लिखित आदेश के मुताबिक, छात्रों को निर्देश दिया गया है कि जब तक जरूरी न हो, वे बाजारों, जीटी रोड या कांवड़ियों के इस्तेमाल होने वाले किसी भी रास्ते पर न जाएं। एडवाइजरी में छात्रों से यह भी कहा गया है कि वे यात्रा के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचें। जिन मामलों में यात्रा से बचा नहीं जा सकता, वहां छात्रों को ट्रेनों में केवल रिजर्व डिब्बों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।

आई-कार्ड अनिवार्य और मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर चेतावनी

संस्थान ने छात्रों के लिए हर समय अपना दारुल उलूम पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि सूर्यास्त के बाद, वैध पहचान पत्र दिखाए बिना किसी भी छात्र को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा संबंधी निर्देशों के अलावा, इस सलाह में छात्रों के आचरण संबंधी संस्थान के मौजूदा नियमों का भी जिक्र किया गया है। इसमें चेतावनी दी गई है कि मल्टीमीडिया मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को संस्थान से निष्कासित किया जा सकता है। प्रशासन ने छात्रों को याद दिलाया कि वे देवबंद में शिक्षा प्राप्त करने आए हैं और उन्हें अपनी पढ़ाई और धार्मिक जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए।

सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम

बता दें कि दारुल उलूम देवबंद देश के सबसे प्रमुख इस्लामी संस्थानों में से एक माना जाता है। दारुल उलूम की यह सलाह तीर्थयात्रा के दौरान अनावश्यक आवाजाही को कम करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती उपाय के रूप में जारी की गई है। संस्थान ने छात्रों को यात्रा समाप्त होने तक निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। वार्षिक कांवड़ यात्रा में उत्तर प्रदेश सहित कई उत्तरी राज्यों से लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिनके लिए अधिकारियों द्वारा विशेष यातायात व्यवस्था और सुरक्षा उपाय किए गए हैं। इस दौरान, तीर्थयात्रियों के विभिन्न शिव मंदिरों की ओर जाने के कारण राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर अक्सर भारी यातायात होता है। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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