वाराणसी एयर शो को लेकर डीडीयू जंक्शन पर अलर्ट, रात में DRM ने परखी तैयारियां
चंदौली: वाराणसी में 22 अक्टूबर 2026 से आयोजित होने वाले एयर शो को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पर तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) उदय सिंह मीना ने बुधवार रात स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्री सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
प्रवेश द्वारों और होल्डिंग एरिया की व्यवस्था परखी
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन के मुख्य सर्कुलेटिंग एरिया, सभी प्रवेश द्वारों, यातायात के प्रवाह और यात्रियों के लिए बनाए गए होल्डिंग एरिया का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से संभावित भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। यात्रियों की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने जरूरत पड़ने पर परिचालन के लिए एक अतिरिक्त रेक उपलब्ध रखा है। इससे आवश्यकता के अनुसार यात्री परिवहन की व्यवस्था की जा सकेगी। इसके अलावा, अनारक्षित टिकट उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूटीएस की सुविधा भी मौजूद है। रेलवे ने स्टेशन पर टिकट और खानपान की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी है।
सुरक्षा के लिए RPF और GRP के जवान तैनात
स्टेशन पर सुरक्षा और यात्रियों के सुचारु आवागमन के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) के जवान तैनात किए गए हैं। पूरे स्टेशन परिसर की सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में जिला प्रशासन भी रेलवे का सहयोग कर रहा है, ताकि एयर शो के दौरान यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।
स्टेशन पर 24 मूत्रालय और 70 शौचालय उपलब्ध
रेलवे के अनुसार, डीडीयू जंक्शन पर लगभग 24 मूत्रालय, 70 शौचालय और दिव्यांगजनों के लिए सात अनुकूल शौचालय कार्यरत हैं। यात्रियों से खुले में पेशाब न करने और स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अपील की गई है, ताकि परिसर में स्वच्छता बनी रहे। निरीक्षण के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक कुलदीप समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे प्रशासन ने एयर शो के दौरान यात्रियों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की निगरानी और सुचारु संचालन पर जोर दिया है।
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