आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद ओडिशा में प्रव

ओडिशा में गहरे दबाव के क्षेत्र से भारी बारिश: 63 स्थानों पर 100 मिमी से अधिक वर्षा

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भुवनेश्वर (ओडिशा)। ओडिशा में गहरे दबाव का क्षेत्र बनने के कारण शुक्रवार को भारी बारिश हुई और इस दौरान कम से कम 63 स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने, भूस्खलन और जलभराव की वजह से अधिकारियों को स्कूल बंद करने को विवश होना पड़ा। तटीय राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में निचले इलाकों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के करीब 14,500 लोगों को 2,061 राहत केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।

24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश

एक दिन पहले आंध्र प्रदेश के तट से टकराया गहरे दबाव का क्षेत्र ओडिशा में प्रवेश कर गया जिसके कारण शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई। नबरंगपुर जिले का तेंतुलीखुंटी 395 मिलीमीटर बारिश के साथ सबसे अधिक प्रभावित रहा। इसके बाद नंदाहांडी में 344 मिलीमीटर और कोरापुट जिले के बोरीगुमा में 307.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। एक अधिकारी ने बताया कि इस आपदा से दक्षिणी ओडिशा के छह जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और भुवनेश्वर समेत पश्चिमी तथा तटीय क्षेत्रों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है।

जाजपुर जिले में बैतरणी और कानी नदियों का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान के पार

उन्होंने कहा कि बालासोर जिले में जलाका और बुढ़ाबलंगा नदियों तथा जाजपुर जिले में बैतरणी और कानी नदियों का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। मानसून के मौसम की शुरुआत से ही राज्य में पहले ही दो बार बाढ़ आ चुकी है। कंधमाल जिले में कलिंग घाट पर भूस्खलन के कारण करीब 200 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार ढह गई। खल्लिकोट के बड़ा घाटी में चट्टानें राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर गिरने से यातायात बाधित हो गया।

मलकानगिरी के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध

गजपति जिले के मोहना के कई घाटों और मलकानगिरी के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं। रायगड़ा में कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जबकि रेलवे पटरियों पर भूस्खलन के कारण रायगड़ा मंडल में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार को प्रभावित क्षेत्रों से सड़क संपर्क बाधित होने की भी सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि ब्रह्मपुर शहर के कई हिस्से अभी भी जलमग्न हैं। 

(इनपुट: भाषा)

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