केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मिला मतुआ समुदाय का प्रतिनिधिमंडल
कोलकाता। केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने पश्चिम बंगाल के मतुआ समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। मतुआ समुदाय के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति से समक्ष अपनी समस्याओ को रखा और उनकी समस्याओं का समाधान करने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर खुद मतुआ समुदाय के हैं।
भाजपा चला रही है भारतीय नागरिक और वोटर बनाने की मुहिम
बांग्लादेश से आए मतुआ समुदाय के सामने भारतीय नागरिक बनने और वोट का अधिकार पाने की समस्या है। भाजपा सीएए के आधार पर उन्हें भारतीय नागरिक और वोटर बनाने की मुहिम चला रही है लेकिन सत्तारुढ़ टीएमसी सीएए का विरोध कर रही है। पश्चिम बंगाल के तीन जिले दक्षिण चौबीस परगना, उत्तर चौबीस परगना और नदिया जिले में मतुआ समुदाय के लोगों की अच्छी-खासी आबादी है। इन तीनों जिलों में विधानसभा की अधिकतर सीटों पर जीत-हार मतुआ समुदाय के विरोध-समर्थन पर निर्भर है।
मतुआ समुदाय का गढ़ माना जाता है बनगांव
केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर उत्तर चौबीस परगना जिले के तहत बनगांव लोकसभा क्षेत्र के सासंद है। बनगांव मतुआ समुदाय का गढ़ माना जाता है। बनगांव लोकसभा क्षेत्र के तहत ही ठाकुरनगर और वही ठाकुरबाड़ी (मंदिर) है। बनगांव में मतुआ धर्म महासम्लेन हुआ। मतुआ महासंघ ने यग महासम्मेंलन कराया।
केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर और ममता बाला ठाकुर के समर्थकों को बीच हुआ था संघर्ष
मतुआ समुदाय को लोगों में साख को लेकर भाजपा सांसद व केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर और टीएमसी की नेता व राज्यसभा की सदस्य ममता बाला ठाकुर एक दूसरे आमने-सामने हैं। विधानसभा चुनाव की वजह से उनके बीच विरोध बढ़ गया है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर के समर्थकों और ममता बाला ठाकुर के समर्थकों को बीच संघर्ष हुआ। शांतनु ठाकुर के समर्थकों को गिरफ्तारी हुई।
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