भ्रष्टाचार मामले में CPA के पूर्व प्रमुख डॉ विनोद कुमार रंगा गिरफ्तार, 4 दिन की पुलिस हिरासत
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार-विरोधी शाखा (ACB) ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) के पूर्व प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. रंगा पर दिल्ली सरकार के अस्पतालों के लिए दवाओं, शल्य चिकित्सा सामग्री, उपभोग्य सामग्रियों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का आरोप है।
एसीबी ने 2 जून को दर्ज की थी प्राथमिकी
सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसीबी ने 2 जून को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। आरोप है कि सरकारी कर्मचारियों और निजी आपूर्तिकर्ताओं ने मिलकर पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, ओआरएस और लिनेन जैसी आवश्यक वस्तुओं की खरीद में निविदा शर्तों और तकनीकी विशिष्टताओं में हेरफेर किया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
महत्वपूर्ण फाइलें गायब करने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, डॉ. रंगा ने जांच के दायरे में आने वाली कई महत्वपूर्ण खरीद फाइलों को अपनी निजी हिरासत में छिपाकर रखा और पूछताछ के दौरान वे इस पर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। इन गुमशुदा फाइलों की बरामदगी, धन के लेन-देन (मनी ट्रेल) का पता लगाने और अन्य सह-षड्यंत्रकारियों की पहचान के लिए कोर्ट ने डॉ. रंगा को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पूर्व महानिदेशक भी जांच के घेरे में
इस मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत तत्कालीन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. वत्सला अग्रवाल और उप लेखा नियंत्रक नीरज चोपड़ा की भूमिका की भी सघन जांच की जा रही है। इस सिलसिले में डॉ. वत्सला अग्रवाल को भी भ्रष्टाचार विरोधी शाखा द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।