दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार से

पप्पू यादव की सुरक्षा पर दिल्ली HC सख्त, केंद्र से पूरे देश में सुरक्षा बढ़ाने पर अंतरिम कदम उठाने को कहा

Delhi HC Seeks Enhanced Security for Pappu Yadav

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार से बिहार के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अंतरिम उपायों पर निर्देश लेने को कहा। अदालत ने कहा कि यादव मौजूदा सांसद हैं और उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह मामला न्यायमूर्ति मनोज जैन के समक्ष आया, जहां यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत और सरकार की ओर से केंद्र सरकार के स्थायी वकील आशीष दीक्षित पेश हुए।

लगातार धमकियों का दिया हवाला

यादव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सांसद को लगातार धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा सुरक्षा बढ़ाने की याचिका पर विचार किए जाने तक तत्काल अंतरिम सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की। वहीं, सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि यादव की सुरक्षा के लिए पहले ही कई उपाय किए जा चुके हैं और अधिकारी उनकी याचिका पर जल्द निर्णय लेंगे।

'वह मौजूदा सांसद हैं, सुरक्षा बढ़ाएं'

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मनोज जैन ने जोर दिया कि यादव मौजूदा सांसद हैं और सरकार के अंतिम निर्णय तक उनकी सुरक्षा मजबूत की जानी चाहिए। अदालत ने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। वह मौजूदा सांसद हैं। उनकी सुरक्षा बढ़ाएं... यह न कहें कि घटना [हमला] मनगढ़ंत है।” अदालत ने सरकारी वकील को निर्देश दिया कि सक्षम अधिकारी के अंतिम निर्णय तक यादव की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अंतरिम उपायों को लेकर निर्देश प्राप्त किए जाएं।

दोपहर 2:30 बजे होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की गई है। यादव ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दिल्ली समेत पूरे भारत में अपनी सुरक्षा और खतरे की आशंका का तत्काल और निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन करने की मांग की है। वर्तमान में उन्हें बिहार में वाई+ सुरक्षा प्राप्त है, जो उनकी याचिका के अनुसार राज्य के बाहर लागू नहीं है।

2 अगस्त के कथित हमले का भी जिक्र

यह याचिका कथित धमकियों की एक श्रृंखला और 2 अगस्त को नई दिल्ली में यादव के आधिकारिक आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए कथित हमले के बाद दायर की गई थी। याचिका के अनुसार, यादव को 29 जुलाई को एक नई धमकी मिली थी। इसमें कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से उनकी हत्या या सिर कलम करने के लिए 51 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। याचिका में दिल्ली में उनकी पत्नी, जो एक मौजूदा सांसद भी हैं, के आवास के बाहर कथित रूप से हुई एक सभा का भी जिक्र किया गया है, जहां उनके खिलाफ नारे लगाए गए थे।

सुरक्षाकर्मियों और मीडिया संयोजक के घायल होने का दावा

याचिका में कहा गया है कि तत्काल सुरक्षा की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद 2 अगस्त को यादव के आधिकारिक आवास पर कथित हमला हुआ। इसमें दावा किया गया है कि उन पर हमला करने का प्रयास किया गया और चाकू का इस्तेमाल किया गया। यादव के मीडिया संयोजक और दो सुरक्षाकर्मी हस्तक्षेप करने के दौरान घायल हो गए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज की।

पूरे भारत में अंतरिम सुरक्षा की मांग

यादव ने तर्क दिया है कि हालिया घटनाक्रम उनके जीवन के खतरे में एक बार फिर वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने सक्षम अधिकारियों द्वारा अंतिम निर्णय लिए जाने तक पूरे भारत में तत्काल अंतरिम सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की है। याचिका में पटना उच्च न्यायालय के 14 मई, 2026 के फैसले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें बिहार में यादव की वाई+ सुरक्षा बहाल की गई थी और उनके खतरे की आशंका का नए सिरे से आकलन करने का निर्देश दिया गया था।

(एएनआई)

यह भी पढ़े: झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन तेज, ABVP ने पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक निकाला विरोध मार्च