दिल्ली हाई कोर्ट ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ की वकीलों

वकीलों के खिलाफ कथित टिप्पणी: दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेने से किया इनकार, याचिका दायर करने को कहा

Delhi High Court

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को वकीलों के एक समूह से कहा कि वे दिल्ली पुलिस के एसीपी मनस्वी वशिष्ठ द्वारा वकीलों के खिलाफ कथित धमकी भरी टिप्पणियों को लेकर औपचारिक याचिका दायर करें। कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने की मांग को ठुकरा दिया है।

दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने वकीलों को दिया निर्देश

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ के सामने वकीलों ने यह मामला उठाया था। वकीलों ने दावा किया कि एसीपी ने उनके खिलाफ एके-47 और काले कोट के गुंडे जैसी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। वकीलों ने पीठ से आग्रह किया कि वह इस मामले में स्वतः संज्ञान ले। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें पहले एक औपचारिक याचिका दाखिल करनी होगी।

औपचारिक याचिका दायर करने पर विचार करेगी अदालत

अदालत ने वकीलों को भरोसा दिया कि औपचारिक याचिका दाखिल होने के बाद वे तुरंत इसकी सुनवाई सूचीबद्ध करने का आदेश देंगे। पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि याचिका की एक प्रति क्रिमिनल स्टैंडिंग काउंसिल संजय लाओ को दी जाए। अदालत ने वकीलों को अपनी लिखित शिकायत देने के साथ-साथ मुख्य याचिका भी दायर करने को कहा।

शाहदरा पुलिस थाने में हुई झड़प के बाद बढ़ा तनाव

यह पूरा विवाद पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित एक पुलिस थाने में 23 अक्टूबर को हुई पुलिसकर्मियों और वकीलों की झड़प के बाद भड़का है। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते यह मामला कोर्ट तक पहुंचा है।

निलंबित एसीपी के समर्थन में पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन

सोमवार को एसीपी मनस्वी वशिष्ठ समेत कई पुलिसकर्मी जय सिंह रोड स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हुए थे। उन्होंने कमिश्नर अनुराग कुमार से मुलाकात कर कार्रवाई के विरोध में अपनी बात रखी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। (इनपुट: ANI)

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