दिल्ली में अवैध निर्माण पर MCD का बड़ा एक्शन: 41 इमारतें जमींदोज, 61 प्रॉपर्टी सील; पढ़ें पूरी डिटेल
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी में अवैध निर्माण, जर्जर इमारतों और भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अपनी प्रवर्तन कार्रवाई (Enforcement Drive) तेज कर दी है। निगम ने गुरुवार को दिल्ली के सभी 12 जोनों में सघन अभियान चलाते हुए 41 संपत्तियों पर डिमोलिशन (ध्वस्तीकरण) की कार्रवाई की और 61 संपत्तियों को सील कर दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई की वर्तमान स्थिति (Action Status)
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को दिन भर चली इस कार्रवाई के तहत 32 'कारण बताओ नोटिस' (Show-Cause Notices) जारी किए गए और तीन डिमोलिशन ऑर्डर भी पास किए गए। इससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार को भी दिल्ली मास्टर प्लान और भवन निर्माण उप-नियमों (Building Bye-laws) के उल्लंघन के मामले में 46 संपत्तियों को तोड़ा गया था और अन्य 20 संपत्तियों को सील किया गया था।
विभिन्न जोनों में हुई कार्रवाई का विस्तृत विवरण
- पूर्वी जोन (East Zone): खुरेजी खास, जगतपुरी और लक्ष्मी नगर इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए।
- पश्चिमी जोन (West Zone): पश्चिम पुरी, मादीपुर, सुभाष नगर, विपिन गार्डन, बक्करवाला, नांगली विहार और निहाल विहार में अवैध ढांचों को गिराया गया।
- प्रमुख डिमोलिशन: मादीपुर के पश्चिम पुरी में पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल के रूफ (छत) पैनल काटे गए। सुभाष नगर में एक रूफ पैनल और चौथी मंजिल की छत पर बने टॉयलेट ब्लॉक को तोड़ा गया। उत्तम नगर के विपिन गार्डन स्थित सोम बाजार रोड पर ग्राउंड फ्लोर का पैनल तोड़ा गया, जबकि बक्करवाला रोड पर आकाश विहार के पास आकाश विहार के पास एक संपत्ति को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया। नांगली विहार और नांगलोई के निहाल विहार में भी छतों के पैनल और दीवारें ध्वस्त की गईं।
- सेंट्रल जोन (Central Zone): मदनपुर खादर एक्सटेंशन में एक 6 मंजिला (G+5) इमारत पर कार्रवाई की गई। इस बिल्डिंग को सील करने से पहले इसकी पांचवीं मंजिल के चार पैनल काटे गए। निगम का कहना है कि प्रवर्तन कार्रवाई के लिए कई अन्य संपत्तियों की भी पहचान कर ली गई है और यह अभियान आने वाले दिनों में जारी रहेगा।
पीजी (PG) आवासों का बड़े पैमाने पर सर्वे
अवैध निर्माण ढहाने के साथ-साथ MCD दिल्ली भर में पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में इस्तेमाल हो रही इमारतों का एक व्यापक सर्वे भी कर हा है। निगम के अनुसार, अब तक 1,355 ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जिनमें लगभग 27,000 लोग रह रहे हैं। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य पीजी आवासों का एक विस्तृत डेटाबेस बनाना और उनकी सुरक्षा का आकलन करना है, ताकि असुरक्षित या अवैध परिसरों में पीजी का संचालन रोका जा सके।
चांदनी चौक: कूचा महाजनी में 54 दुकानें सील
एक अन्य बड़ी कार्रवाई में, MCD ने चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में बेसमेंट में अवैध रूप से चल रही 54 दुकानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट और मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देशों पर की गई है। सील की गई संपत्तियों के नंबर 1167/1094, 1165/1103, 1153 और 1167/1095 हैं। MCD के अनुसार, इन दुकानों में 'यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज, 2016' और 'दिल्ली मास्टर प्लान, 2021' का उल्लंघन करते हुए व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। इन दुकानों के पास अग्निशमन विभाग (Fire Department) और अन्य वैधानिक प्राधिकरणों से अनिवार्य एनओसी (NOC) भी नहीं थी। यह सीलिंग 'दिल्ली नगर निगम अधिनियम' (DMC Act) की धारा 345-A और धारा 347 के तहत की गई है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद जागा प्रशासन
गौरतलब है कि नगर निगम का यह कड़ा रुख 6 सितंबर को हुए 'सत्य निकेतन हादसे' के बाद सामने आया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास छात्रों के बहुल इलाके में हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल हो रही एक पांच मंजिला इमारत भरभरा कर ढह गई थी। श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के सामने स्थित उस इमारत के मलबे में दबकर 7 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल थे। निगम ने स्पष्ट किया है कि उसका यह अभियान सभी 12 जोनों में जारी रहेगा और भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते समय 'सार्वजनिक सुरक्षा' उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
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