दिल्ली-एनसीआर में टैक्सी-ऑटो हड़ताल दूसरे दिन जारी, किराया बढ़ाने की मांग तेज
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में वाणिज्यिक वाहन संचालकों और टैक्सी यूनियनों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। यह प्रदर्शन ईंधन और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के विरोध तथा किराए में संशोधन की मांग को लेकर किया जा रहा है।
72 घंटे की हड़ताल का ऐलान
अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस (AIMTC) और चालक शक्ति यूनियन सहित कई परिवहन संगठनों ने 72 घंटे की हड़ताल की घोषणा की है। इन संगठनों में ट्रक संचालक, निजी बस मालिक, कैब चालक और मैक्सी-कैब चालक शामिल हैं।
आम लोगों पर सीमित असर
हालांकि राजधानी के अधिकांश इलाकों में जनजीवन सामान्य बना रहा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत कई जगहों पर आवागमन में मामूली असर देखने को मिला। शुक्रवार को ऑटो-रिक्शा और कैब सेवाएं ज्यादातर सामान्य रूप से चलती नजर आईं।
10 साल से किराए में बदलाव नहीं
कैब चालकों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले लगभग 10 वर्षों से किराए में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जबकि ईंधन, सीएनजी और वाहन रखरखाव की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। चालकों के मुताबिक बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों ने उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव डाल दिया है। उन्होंने सीएनजी और ईंधन अधिभार वापस लेने और टैक्सी किराए में बढ़ोतरी की मांग की है।
सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ड्राइवर संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। संगठनों ने सरकार के साथ औपचारिक बैठक की मांग भी की है, ताकि व्यावसायिक वाहन चालकों के हितों की सुरक्षा और ऐप-आधारित परिवहन सेवाओं को लेकर नीतिगत फैसलों पर चर्चा हो सके।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतें
देशभर में ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बीच यह हड़ताल हो रही है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 91 पैसे महंगा होकर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे व्यावसायिक वाहन चालकों की परिचालन लागत और बढ़ गई है। यह विरोध प्रदर्शन 23 मई तक जारी रहने की संभावना है और आगे की रणनीति सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।
ANI
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