दिल्ली-NCR में बड़ी साजिश नाकाम, ISI से जुड़े नेटवर्क के दो गुर्गे गिरफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान स्थित ISI के एजेंट शहजाद भट्टी से जुड़े दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक बयान के मुताबिक, राजवीर और विवेक वंजारा नाम के ये दोनों आरोपी दिल्ली-NCR क्षेत्र में टारगेट किलिंग और गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देने की साजिश में शामिल थे।
स्पेशल सेल को मिली जानकारी के बाद मामला दर्ज
स्पेशल सेल को खुफिया जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान में बैठा गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी और ISI के अन्य गुर्गे, भारत में मौजूद अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर, दिल्ली-NCR इलाके में ग्रेनेड हमले करने और टारगेट किलिंग को अंजाम देने की एक आपराधिक साज़िश रच रहे हैं। इसी के आधार पर, 31 मार्च को संबंधित धाराओं के तहत एक FIR दर्ज की गई।
ग्वालियर से हुई पहली गिरफ्तारी
आरोपियों में से एक, विवेक बंजारा का पता मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित डबरा में चला। उसे 16 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया और पाँच दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। विवेक बंजारा से पूछताछ के आधार पर, 18 अप्रैल को सराय काले खां इलाके से मुख्य आरोपी राजवीर को गिरफ्तार कर लिया गया। वह दिल्ली-NCR इलाके के एक जाने-माने होटल पर गोलीबारी करने की तैयारी कर रहा था।
हथियार और डिजिटल सबूत बरामद
दिल्ली पुलिस ने एक पिस्तौल और छह ज़िंदा कारतूस तथा दो मोबाइल फ़ोन भी ज़ब्त किए हैं। इनमें आपत्तिजनक वीडियो और वॉइस नोट मौजूद थे। जांच में पता चला कि राजवीर को सोशल मीडिया पर 'राणा भाई' नाम के एक व्यक्ति ने भर्ती किया था, जो शहजाद भट्टी का साथी है। बाद में, राजवीर ने विवेक बंजारा को 'राणा भाई' और शहजाद भट्टी से मिलवाया। मार्च 2026 में, शहजाद भट्टी ने राजवीर को निर्देश दिया कि वह किसी को अहमदाबाद हथियार लेने के लिए भेजे। राजवीर ने विवेक को अहमदाबाद भेजा। हालाँकि, हथियारों की डिलीवरी नहीं हो पाई। पुलिस के बयान के अनुसार, भट्टी ने अहमदाबाद में विवेक के रहने के लिए 5000 रुपये का इंतज़ाम किया था।
अमृतसर से हुई हथियारों की सप्लाई
शहज़ाद भट्टी के निर्देश पर 9 अप्रैल को राजवीर और विवेक बंजारा अमृतसर गए और एक जगह से एक पिस्तौल, 15-20 ज़िंदा कारतूस और 20,000 रुपये लिए। यह हथियार राजवीर को ज़ीरकपुर, SAS नगर के एक क्लब पर गोली चलाने के लिए दिया गया था। इस क्लब को शहज़ाद भट्टी से रंगदारी की धमकियाँ मिली थीं। 11 अप्रैल को, पिस्तौल में आई एक तकनीकी खराबी के कारण राजवीर क्लब पर गोली नहीं चला सका। इस बीच, विवेक ने इस घटना का एक वीडियो बनाया ताकि उसे शहज़ाद भट्टी को भेजा जा सके। फिलहाल मामले में आगे की जाँच जारी है।
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