दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन मिलाप' लाया खुशियों की सौगात, एक महीने में 193 लापता लोग पहुंचे अपने घर
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अपनों से बिछड़े लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने के लिए दिल्ली पुलिस का एक विशेष अभियान वरदान साबित हुआ है। दिल्ली पुलिस के साउथ-वेस्ट (दक्षिण-पश्चिम) जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन मिलाप' (Operation Milap) के तहत जून 2026 के महीने में कुल 193 लापता लोगों को तलाश कर उन्हें उनके परिवारों से मिलाया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा गुरुवार को साझा की गई यह कामयाबी दिल्ली पुलिस की तत्परता और मानवीय चेहरे को बयां करती है।
जून के महीने में चला विशेष खोजी अभियान
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लापता और अगवा किए गए लोगों की बरामदगी का यह विशेष अभियान 1 जून से 30 जून 2026 के बीच चलाया गया था। इस दौरान पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता और तेजी के साथ काम किया। स्टैंडर्ड प्रोसीजर (SOP) के तहत, जैसे ही पुलिस को किसी के लापता होने की शिकायत मिली, पुलिस टीमों ने तुरंत सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। जांच अधिकारियों ने कड़ी से कड़ी जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
एक महीने में 193 की घर वापसी: जून 2026 में 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत 193 लोगों को उनके परिवारों से दोबारा मिलाया गया। 48 बच्चे और 145 वयस्क सुरक्षित रेस्क्यू: खोजे गए लोगों में 48 ऐसे बच्चे शामिल हैं जिनकी गुमशुदगी या अपहरण की रिपोर्ट दर्ज थी, जबकि 145 वयस्क हैं। साल 2026 में अब तक 866 लोग तलाशे गए: इस साल की शुरुआत से अब तक दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस कुल 866 लापता लोगों (226 बच्चे और 640 वयस्क) को तलाश चुकी है। 7 साल पुराना मामला भी सुलझा: जून महीने में बरामद किए गए लोगों में एक व्यक्ति ऐसा भी है जो साल 2019 से लापता था।
लोकल इनफॉर्मर्स और अस्पतालों से जुटाए सुराग
लापता लोगों की तस्वीरें बस टर्मिनलों, रेलवे स्टेशनों, ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा स्टैंडों पर बांटी गईं। इतना ही नहीं, पुलिस ने सुराग जुटाने के लिए ड्राइवरों, कंडक्टरों, रेहड़ी-पटरी वालों और स्थानीय निवासियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा। पुलिस ने अपनी जांच को मजबूत करने के लिए स्थानीय मुखबिरों की मदद ली। इसके साथ ही, आस-पास के थानों के रिकॉर्ड और अस्पतालों के डेटा को भी खंगाला और सत्यापित किया गया, ताकि लापता लोगों का कोई भी सुराग हाथ से न छूटे।
DMPU और AHTU का शानदार प्रदर्शन
लापता लोगों को खोजने में पुलिस की अलग-अलग यूनिट्स ने बेहतरीन काम किया। इसमें डिस्ट्रिक्ट मिसिंग पर्सन्स यूनिट (DMPU) ने सबसे ज्यादा वयस्कों को बरामद किया, जिन्होंने इस अवधि के दौरान 57 लापता लोगों को खोज निकाला। वहीं, एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने मानव तस्करी के एंगल से लेकर हर पहलू पर काम करते हुए 18 लापता या अगवा किए गए बच्चों को सफलतापूर्वक तलाशने में कामयाबी हासिल की।
इन थानों की टीमों ने निभाई अहम भूमिका
दक्षिण-पश्चिम जिले के कई पुलिस स्टेशनों ने भी इस रिकवरी ड्राइव में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: वसंत विहार, वसंत कुंज नॉर्थ, वसंत कुंज साउथ, कापसहेड़ा, पालम विलेज, सागरपुर, दिल्ली कैंटोनमेंट, सरोजिनी नगर, आर.के. पुरम, साउथ कैंपस, एस.जे. एनक्लेव (सफदरजंग एनक्लेव) और किशनगढ़। इन सभी थानों की टीमों ने लापता बच्चों और वयस्कों की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सालों पुराने मामलों में भी मिली बड़ी सफलता
पुलिस ने बताया कि इस अभियान में कई ऐसे लोग भी मिले हैं जो लंबे समय से लापता थे। जून 2026 में तलाशे गए 193 लोगों में से 117 इसी साल (2026) लापता हुए थे, जबकि बाकी लोग पिछले सालों के थे।
पिछले सालों का आंकड़ा इस प्रकार है:
- वर्ष 2025 के: 34 लोग
- वर्ष 2024 के: 20 लोग
- वर्ष 2023 के: 16 लोग
- वर्ष 2022 के: 3 लोग
- वर्ष 2021 के: 2 लोग
- वर्ष 2019 का: 1 व्यक्ति
दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक
अधिकारियों ने कहा कि 'ऑपरेशन मिलाप' की यह सफलता समन्वित पुलिसिंग प्रयासों, समय पर की गई कार्रवाई और कई टीमों द्वारा लगातार की गई गहन जांच का परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल लापता लोगों का पता लगाने और उनके परिवारों के साथ सुरक्षित पुनर्मिलन सुनिश्चित करने के लिए दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। (Source: ANI)
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