सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली में PG की इमारत ढहने से 3 की मौत, 9 का रेस्क्यू; CM बोलीं- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली (South-West Delhi) के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत ढहने से एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मलबे से अब तक 9 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से 3 लोगों की दुखद मौत हो गई है। घटनास्थल पर हालात को नियंत्रण में लेने और फंसे हुए लोगों को निकालने का कार्य प्राथमिकता पर है।
जांच और रेस्क्यू का अपडेट
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा (Delhi Fire Service) और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। वर्तमान में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operations) जारी हैं। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराना है।
सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ने लिया हालात का जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। इसके बाद वह घायलों का हाल जानने एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं, जहां उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत की। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन देते हुए नड्डा ने एम्स के निदेशक और केंद्र सरकार के अस्पतालों को घायलों के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
<blockquote lang="hi" dir="ltr">आर.के. पुरम की अत्यंत दुखद घटना में घायल छात्रों के उपचार और स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी एम्स ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों से ली।<br><br>सभी छात्र एम्स के चिकित्सकों की देखरेख में हैं और उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों की टीम को हर आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।…</p>— Rekha Gupta (@gupta_rekha) <a href="https://x.com/gupta_rekha/status/2096612525903323542?ref_src=twsrc%5Etfw">September 6, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
हादसे की मुख्य वजह: बेसमेंट में खुदाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे के कारणों पर प्राथमिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया, "इमारत पुरानी थी, और उसमें कुछ निर्माण तथा मरम्मत का काम चल रहा था। बेसमेंट में किसी तरह की खुदाई की जा रही थी, जिसकी वजह से एक पिलर खिसक गया और पूरी इमारत ढह गई।"
'दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा'
यह इमारत एक पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी, और जब यह हादसा हुआ तब इमारत के अंदर बच्चे मौजूद थे। प्रशासन ने इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हमारी प्राथमिकता सबसे पहले इन बच्चों की जान बचाना है। बचाव अभियान इसी तरह जारी रहेगा। सभी अधिकारी यहां मौजूद हैं, और किसी भी चीज की कमी नहीं होने दी जाएगी।"
लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें रेस्क्यू किए गए सभी लोगों की स्थिति को समझने की जरूरत है। मैं इतना कह सकती हूं कि इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, चाहे वह इमारत का मालिक हो या कोई अधिकारी, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।" (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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